जेएनएन, म्याऊं (बदायूं): संचारी रोग की रोकथाम के लिए गांव में अभियान चलाया गया। गांव की गंदगी को हटाने के लिए लाखों रुपये खर्च हो गया। पंचायतों को व्यवस्थित करने और इन समस्याओं के निदान के लिए ब्लाकों को बजट दिया गया। इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्र में गांव की हालत खराब है। गांव रिजोला में कीचड़ व जलभराव की समस्या लगातार बनी है। इससे ग्रामीणों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है।

विकास क्षेत्र उसावां के इस गांव में पानी की निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं कराया गया है। गांव के खड़ंजों पर भी जलभराव हो रहा है। सफाई भी नियमित रूप से नहीं होती है। इससे जलभराव होने से रास्ते कीचड़ से पट गए है। ग्रामीणों को आवागमन में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे गांव में पड़े खड़ंजा का पता नहीं चल रहा। जबकि गांव में नाली, खड़ंजा आदि निर्माण के लिए लाखों रुपये खर्च हो चुका है। गांव के पुन्ने, नत्थू, ग्रीश, कल्लू आदि ने जिला विकास अधिकारी से शिकायत की है। आरोप हैं कि मुहल्लों में नालियां न होने की वजह से गलियों में दूषित पानी व कीचड़ की समस्या बनी है। गंदगी से संक्रामक बीमारी फैलने का डर है। खंड विकास अधिकारी वीपी सिंह ने बताया कि जल निकासी के लिए नाला बनाने को लेकर कुछ लोगों ने विवाद किया था। इसके कारण कार्य पूरा नहीं हो सका था। इसके लिए फिर से प्रयास किए जाएंगे। इससे गांव में जल भराव की समस्या का समाधान कराया जा सके। इससे लोगों को जलभराव में से होकर नहीं गुजरना पड़े।

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