जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के पांच मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र में भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस जहां भाजपा-जेजेपी गठबंधन सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने पर अडिग है, वहीं सरकार के रणनीतिकार इसका तोड़ निकालने की जुगत में जुटे हैं। गठबंधन की सरकार को निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में करीब एक दर्जन राज्य स्तरीय मुद्दे सदन में उठाने पर सहमति बनी है। बैठक में तय हुआ कि राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के बजट अभिभाषण के बाद सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।

सदन में कांग्रेस के 30 विधायक हैं और 18 विधायक खड़े होकर अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। इसे स्वीकार या अस्वीकार करना स्पीकर के विवेक पर निर्भर करता है। स्वीकार करने की स्थिति में स्पीकर को 10 दिन या 10 सीटिंग के भीतर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करानी जरूरी होती है।

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विधायक दल की बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। कृषि कानूनों में एमएसपी (फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी का प्रविधान जोड़ने के लिए प्राइवेट मेंबर बिल लाया जाएगा। राज्य में हुए शराब और रजिस्ट्री घोटाले के मुद्दे पर कांग्रेस सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लाएगी।

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हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार भर्तियां रद कर रही है। पेपर लीक के मामले बढ़ गए। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। पेट्रोल व डीजल के रेट काबू में नहीं रहे। हरियाणा सरकार ने डोमिसाइल के नियमों और खेल नीति में बदलाव किया है। प्रदेश में अपराध बेकाबू हो चुके हैं। इन तमाम मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

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नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि गठबंधन की सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। मौजूदा सरकार में सिर्फ घोटाले हो रहे हैं, कोई काम नहीं हो रहा। डोमिसाइल के नियमों में फेरबदल से प्रदेश की नौकरियों में अन्य राज्यों के लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और हरियाणा की आरक्षित श्रेणियों एससी और बीसी को नौकरी मिलना मुश्किल हो जाएगा। बिजली विभाग के अधिकारियों भर्ती में सामान्य श्रेणी के स्थानीय युवाओं को दरकिनार कर अन्य राज्य के युवाओं को तरजीह दी गई है। उसी तरह डोमिसाइल नियमों में बदलाव के बाद एससी और बीसी श्रेणी के साथ किया जाएगा। खेल नीति में बदलाव से प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का हौसला टूटेगा। नई नीति में पैरा ओलंपिक समेत सभी खिलाड़ियों के हितों की अनदेखी की गई है।

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बैठक में 20 से ज्यादा विधायकों ने भागीदारी की। हुड्डा ने अपने विरुद्ध दर्ज मामलों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को तीन माह से ज्यादा हो गए हैं। इसलिए अब सरकार को जाग जाना चाहिए। हुड्डा ने किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी फसलों को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचाएं।

 

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