चंडीगढ़। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के भतीजे और पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब (पीपीपी) अध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। वह नई दिल्ली में आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में कांग्रेस वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए।

मनप्रीत बादल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में कांग्रेस में शामिल हाेने और अपनी पार्टी के विलय की घोषणा की। कांग्रेस महासचिव व पंजाब प्रदेश प्रभारी शकील अहमद ने उनको कांग्रेस में शामिल किए जाने का ऐलान किया। इस माैके पर पंजाब कांग्रेस के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब विधानसभा चुनाव कैंपेन कमेट की प्रधान अंबिका सोनी, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला व पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान प्रताप सिंह बाजवा भी माैजूद थे।

शुक्रवार को नई दिल्ली में मुलाकात के दौरान राहुल गांधी को तोहफा भेंट करते मनप्रीत बादल।

वीरवार को माघी मेले के मौके पर श्री मुक्तसर साहिब में हुई कांग्रेस की सियासी कांफ्रेंस के तुरंत बाद मनप्रीत बादल प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रदेश प्रभारी शकील अहमद व कैंपेन कमेटी की चेयरपर्सन अंबिका सोनी के साथ नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।

मनप्रीत सिंह बादल ने 1995 गिद्दड़बाहा से पहली बार उपचुनाव जीता था जब राज्य में बेअंत सिंह की सरकार थी। वह इसके बाद 1997, 2002 और 2007 में भी गिद्दड़बाहा के विधायक चुने गए। उन्हाेंने अपनी पार्टी पीपुल्स पार्टी आॅफ पंजाब (पीपीपी) का भी कांग्रेस में विलय करने का फैसला किया है।

मनप्रीत सिंह बादल के कांग्रेस में शामिल हाेने की घोषणा करते शकील अहमद।

मनप्रीत सिंह बादल के कांग्रेस में शामिल होने काे अंतिम रूप उनकी नई दिल्ली में पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से शुक्रवार सुबह मुलाकात के बाद दिया गया। राहुल गांधी के साथ बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह, पार्टी के पंजाब प्रभारी डा. शकील अहमद सभी मौजूद थे।

मन्प्रीत सिंह बादल का उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से विवाद रहा है और उन्होंने इसी कारण अकाली दल छोड़ा और बाद में अपनी पार्टी बनाई। मनप्रीत की पार्टी के विलय को कांग्रेस नेता पंजाब में पार्टी की बड़ी रणनीतिक जीत बता रहे हैं।

वैसे, उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा काफी दिनों से चल रही थी। 2014 लाकेसभा चुनाव में वह कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर वह बठिंडा से सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुके हैं। इस चुनाव में उन्हें हार मिली थी। बाद में उन्होंने अपनी पार्टी पीपीपी को फिर सक्रिय कर लिया था। इससे पहले वह शिरोमणि अकाली दल में ही थे। वह अकाली सरकार में वित्त मंत्री थे, लेकिन चाचा प्रकाश सिंह बादल व भाई सुखबीर सिंह बादल से मतभेद के कारण उन्होंने मंत्री पद और पार्टी छोड़ दी।

पंजाब विस चुनाव में अमरिंदर होंगे कांग्रेस का चेहरा : अंबिका

इस मौके पर पंजाब चुनाव अभियान कमेटी की प्रधान अंबिका सोनी ने कहा कि पंजाब के विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस का चेहरा होंगे और वह ही कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर कांग्रेस पंजाब में सरकार बनाएगी।

मनप्रीत सिंह बरार ने कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा पंजाब का विकास है और कांग्रेस की ऐसा कर सकती है। इसलिये कारण है कि उन्होंने कांग्रेस में शामिल हाेने का फैसला किया है। डा. शकील अहमद ने मनप्रीत का कांग्रेस में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मनप्रीत के शामिल होने से पंजाब में कांग्रेस मजबूत होगी।

Posted By: Sunil Kumar Jha