संवाद सूत्र, बिवार (हमीरपुर) : पांच साल पहले हुए बिवार कांड में सीबीसीआइडी ने सजा से बचे आरोपितों पर शिकंजा कस दिया है। कोर्ट में 10 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही गिरफ्तारी के लिए सूची बिंवार थाना पुलिस को दी है। मुख्य आरोपित सपा जिलाध्यक्ष के गनर समेत दो भाई तीन साल की सजा काटकर बाहर आ चुके हैं। यह मामला छेड़खानी से आहत छात्रा के खुद को आग लगाकर जान देने का है, जिसके बाद बिंवार कस्बे में जमकर बवाल हुआ था। पुलिस की गाड़ी फूंक दी गई थी। फायरिग में एक युवक की मौत भी हो गई थी, जबकि एक घायल हुआ था। शासन ने मामले की सीबीसीआइडी जांच के आदेश दिए थे।

25 जुलाई 2015 को सुबह कोचिग जा रही छात्रा के साथ सुनसान रास्ते में दो सगे भाइयों ने छेड़खानी की थी। छात्रा के विरोध के करने पर उसकी पिटाई कर दी थी। छात्रा ने घर आकर शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़क जान दे दी थी। उसकी मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इसी दौरान गोली चलने से एक छात्र रोहित की मौत हो गई थी। जयकरन पैर में गोली लगने से घायल हो गया था। ग्रामीणों ने एक महीना धरना प्रदर्शन किया था। भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद तत्कालीन सपा सरकार ने सीबीसीआइडी जांच को स्वीकृति दी थी। सीबीसीआइडी आरोपितों को लखनऊ तलब कर पूछताछ कर चुकी है। शनिवार को सीबीसीआइडी ने आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। बिंवार थाना में गिरफ्तारी के लिए सूची दी। अब आरोपितों में अफरातफरी का माहौल है। सीबीसीआइडी के दारोगा विनोद कुमार चौहान ने बताया कि चार्जशीट अदालत में दे दी गई है। पुलिस आरोपितों की तलाश में लग गई है। छात्रा की मौत के बाद 16 दिन बंद रहा था बिंवार का बाजार

कस्बा बिंवार में छेड़खानी का शिकार हुई छात्रा ने जब खुद को आग लगाकर मौत को गले लगा लिया तो इससे न केवल छात्रा जली थी। बल्कि पूरा बिंवार कस्बा जल उठा था। छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन हुए। हालात यह थे कि 16 दिनों तक बिंवार का बाजार भी नहीं खुला। पूरा कस्बा सन्नाटे में था और छात्रा को न्याय दिलाने की मांग कर रहा था।

बीते 25 जुलाई 2015 को कस्बा बिंवार निवासी एक छात्रा ने छेड़खानी से तंग आकर खुद को आग के हवाले कर दिया था। जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। छात्रा की मौत की खबर के बाद ग्रामीणों में आक्रोश पनपा और कस्बे में वह आग लगी कि 16 दिनों तक कस्बा सन्नाटे में रहा। न तो कोई दुकान खुली और न ही किसी के घर कोई कार्यक्रम आयोजित हुए। छात्रा की न्याय दिलाने के लिए ग्रामीणों के साथ साथ तत्कालीन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई ने मुख्यालय के कलेक्ट्रेट के गोल चबूतरे में रातों-रात धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस कांड से राजनीति भी जमकर गरमा गई थी। ये हैं आरोपित

गांव के छोटू शुक्ला, मुखिया वर्मा, छोटू सिंह, विपिन, अमित चौबे, योगेश, नफीस, आनंद पाठक, गिरीश प्रसाद व राम मिलन सिंह। मुख्य आरोपितों को हो चुकी सजा

मुख्य आरोपित सगे भाई भूरा व जीतेंद्र को स्थानीय अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई थी। दोनों भाई सजा पूरी कर बाहर हैं। शुरुआत में तत्कालीन सपा जिलाध्यक्ष के गनर होने के चलते इन पर कार्रवाई न किए जाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था।

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