नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। अलग राज्य तेलंगाना की घोषणा के बाद दार्जिलिंग में गोरखालैंड की मांग को लेकर भड़के आंदोलन के समाप्त होने का रास्ता प्रशस्त हो गया है। मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से मुलाकात के बाद गोरखा नेता रोशन गिरि ने कहा कि हम बातचीत से हल निकालने को तैयार हैं। शिंदे ने जल्द ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और गोरखा नेताओं से बातचीत का आश्वासन दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसके बाद पहाड़ों पर चल रहा आंदोलन समाप्त हो जाएगा।

दार्जीलिंग से भाजपा सांसद जसवंत सिंह के नेतृत्व में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा नेताओं ने शिंदे से मुलाकात कर अलग राज्य के गठन की मांग पर तत्काल विचार करने को कहा। शिंदे ने नेताओं को इस सिलसिले में पश्चिम बंगाल, केंद्र और गोरखा नेताओं की त्रिपक्षीय बातचीत शुरू करने का भरोसा दिया। शिंदे ने कहा कि इसके लिए वे खुद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात करेंगे। गोजमुमो नेता रोशन गिरि ने कहा कि शिंदे के सकारात्मक रुख के बाद आंदोलन स्थगित करने के बारे में जल्द फैसला लिया जाएगा।

इस दौरान बेमियादी बंद के बीच दार्जिलिंग की यात्रा पर पहुंची मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गोजमुमो द्वारा किए जा रहे बंद के आंदोलन को निरंकुश बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल अविभाजित रहेगा और जनता के खिलाफ इस तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाब में गोजमुमो अध्यक्ष विमल गुरुंग ने कहा कि दार्जिलिंग कभी भी बंगाल का हिस्सा नहीं रहा। सरकार को गोरखाओं का हक देना ही पड़ेगा।

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