जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : बजट को लेकर खिलाड़ी कई उम्मीद लगाए हैं। छात्रवृत्ति सही समय पर मिलने के साथ ही बेसिक, मध्यम, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेलों के लिए अलग-अलग बजट बनाने की बात कही। दिव्यांग खिलाड़ी खेल विवि स्थापित करने व कुछ चुनिदा खेलों में उन्हें भी शामिल करने की उम्मीद लगाए हैं। साथ ही खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को समय पर देने के लिए एवं बजट खर्च करने के लिए कमेटी बनने की बात कही।

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हर राज्य में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक अतिरिक्त खेल विश्वविद्यालय होना चाहिए। इसके अलावा कई ऐसे खेल हैं, जैसे कार रेसिग, पर्वतारोहण, जलक्रीड़ा आदि को भी स्थान मिले व बजट भी। पदक वाले खिलाड़ियों को स्कालरशिप मिले।

-हरीश चौधरी, दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी एवं फाउंडर

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बेसिक खेल, मध्यम के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए बजट के दौरान जिक्र किया जाता है, लेकिन किस कैटेगरी के लिए कितना बजट लाया गया यह अलग-अलग निर्धारित होना चाहिए। यहां की सुविधाएं और खेल प्रतियोगिताएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की हों, जिससे दूसरे देशों के खिलाड़ी देश में आएं।

-मनोज सरकार, अंतरराष्ट्रीय पैराबैडमिटन खिलाड़ी, रुद्रपुर

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कुछ खेल एशियन खेलों में शामिल हैं, लेकिन उत्तराखंड खेल में अनुमति नहीं मिली है। ओलंपिक की तैयारी करने के बाद भी उन्हें शामिल नहीं किया गया। उसे अनुमति मिलनी चाहिए।

-ऋषिपाल भारती, कराटे खिलाड़ी व कोच

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खिलाड़ियों को कहीं खेलने जाने और आने के लिए किराया देर में मिलता है। इसे खेल के एक सप्ताह पहले मिल जाना चाहिए। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन समय से नहीं मिल पाता है, दो साल से अधिक समय लगता है, समय पर मिले।

-नीतिश कुमार, सेपक टाकरा, खिलाड़ी एवं कोच

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