पशुपालन व वन विभाग की संयुक्त रैपिड रिस्पांस टीम ने लिया चिड़ियाघर का जायजा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी मिश्रा ने सैनिटाइजिग व रखरखाव प्रक्रिया देखी जागरण संवाददाता, कानपुर : बर्ड फ्लू को लेकर खतरा अभी टला नहीं है। मृत पक्षियों के मिलने का सिलसिला जारी है। गुरूवार को शहर में अलग- अलग स्थानों पर पांच कौए व तीन कबूतर मृत मिले। पांच दिन के अंदर अब तक करीब 80 परिदे मर चुके हैं। इस खतरे को देखते हुए चिड़ियाघर में एंटीबैक्टीरियल व एंटी वायरल का छिड़काव तेज कर दिया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी मिश्रा के नेतृत्व में रैपिड रिस्पांस टीम ने चिड़ियाघर का जायजा लेकर सैनिटाइजिग व रखरखाव प्रक्रिया देखी। इसके अलावा पशुपालन विभाग की टीम ने विभिन्न पोल्ट्री से 45 मुर्गों के सैंपल लिए।

पक्षियों के मरने की संख्या को देखते हुए पशु पालन विभाग व वन विभाग की टीम विभिन्न क्षेत्रों में कौओं, मुर्गों, बतख व कबूतर समेत अन्य पक्षियों पर नजर रखे हुए है। चिड़ियाघर की झील के आसपास प्रवासी पक्षियों पर वन विभाग व चिड़ियाघर की संयुक्त टीम की निगाह है। इसके अलावा गंगा बैराज पर भी प्रवासी पक्षी आते हैं। वहां पर भी इन पक्षियों पर निगाह रखने के लिए अलग टीम बनाई गई है। प्रभागीय वन अधिकारी अरविद कुमार यादव ने बताया कि अभी प्रवासी पक्षियों में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। ऐसा कोई पक्षी भी नजर नहीं आया है जो सुस्त हो। वहीं दूसरी ओर चिड़ियाघर में सीसीटीवी कैमरों से पक्षियों की निगरानी की जा रही है। सहायक निदेशक अरविद कुमार सिंह ने बताया कि सभी पक्षी स्वस्थ हैं। बाहर से पक्षियों में बर्ड फ्लू के कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए है, जिन पक्षियों के सैंपल गए हैं उनकी रिपोर्ट का इंतजार है।

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