संवाद सहयोगी, चाईबासा : पर्यावरण चेतना केंद्र पोटका एवं सनागोम संस्था के संयुक्त तत्वावधान में हाटगम्हरिया प्रखंड के जामडीह गांव में ग्रामसभा पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें सनागोम व पर्यावरण चेतना केंद्र पोटका के सिद्धेश्वर सरदार एवं सुखदेव ने ग्रामीणों को विस्तार पूर्वक ग्रामसभा के बारे में जानकारी दी। मुख्य तौर पर ग्रामसभा एवं आठ स्थाई समिति को प्रदत्त अधिकारों के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी। साथ ही पेसा कानून के बारे में भी ग्रामीणों को जानकारी दी। उन्होंने ग्राम पंचायत के विकास के लिए ग्रामसभा को सशक्त करने वाह नियमित ग्रामसभा की बैठक आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि 8 स्थाई समितियां जब तक मजबूत नहीं होंगी, तब तक गांव का विकास संभव नहीं है। गांव में चलने वाली विकास योजनाओं को सही तरीके से चलाने के लिए इन सभी स्थाई समितियों को सक्रिय रहने की आवश्यकता है। आप सक्रिय नहीं होंगे तो धरातल पर विकास की योजनाएं नहीं उतरेंगे। बिचौलिए ठेकेदार, प्रखंड कर्मी व पदाधिकारी आपके पैसों का बंदरबांट करेंगे। स्कूलों में आपके बच्चे पढ़ते हैं। स्कूलों में अच्छी पढ़ाई हो इसके लिए ग्राम शिक्षा समिति को समय-समय पर स्कूल का निरीक्षण करना चाहिए। इसी तरह सभी 8 स्थाई समितियां अपने अपने कार्य क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएंगे तो गांव का विकास को कोई नहीं रोक सकता। इससे विकास की राशि की बंदरबांट नहीं होगी। साथ ही विकास कार्यों में गुणवत्ता भी आएगी। कार्यशाला में मुख्य रूप पर्यावरण चेतना केंद्र पोटका के विभिषण, सिद्धेश्वर सरदार, मुंडा सुनील सिकू, सुखदेव, संजय सरदार, कंचन सिकू, रोबर्ट सिकू, परमेश्वर सिकू, अर्जुन गोप, वीरसिह सिकू, सुखमती सिकू, सुनील पुरती, बिदी पुरती समेत ग्रामसभा के अन्य सदस्य मौजूद थे।

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