मेरठ, जेएनएन। कोलकाता के आरामबाग में रहने वाला बंगाली कारीगर शहर के नामचीन सर्राफ को लाखों का चूना लगाकर रातोरात फरार हो गया। एफआइआर किए बगैर ही सर्राफ ने कारीगर की तलाश की। 20 दिन का समय पूरा होने के बाद भी कारीगर का कोई पता नहीं चल पाया। पुलिस मान रही है कि सोना का रिकार्ड नहीं होने की वजह से सर्राफ मुकदमा दर्ज करने से पीछे हट रहे है। क्योंकि मुकदमा दर्ज होने के बाद सर्राफ को सोना का जवाब भी देना होगा।

कोलकाता के आरामबाग निवासी फिरोज नौ साल पहले मेरठ में आकर रहने लगा था। सदर बाजार के सर्राफ से सोना लेकर ज्वैलरी तैयार करता था। कुछ दिन बाद फिरोज ने सदर बाजार एरिया में किराए पर मकान लिया। उसके बाद पत्नी और बच्चों को भी कोलकाता से मेरठ लेकर आ गया। बच्चों की एडमिशन भी मेरठ के स्कूलों में करा दिया। सदर बाजार के नामचीन सर्राफ कमल चढ्डा के शोरूम से सोना लेकर ज्वैलरी बनाने का काम करने लगा। नौ साल के लंबे में समय तक फिरोज कमल के शोरूम से सोना लेकर ज्वैलरी तैयार कर रहा था।

कमल चढ्डा ने पुलिस को बताया कि बीस दिन पहले फिरोज को करीब 1700 ग्राम सोना ज्वैलरी बनाने के लिए दिया था, जिसकी कीमत 90 लाख है। उसके बाद रातोरात पत्नी और बच्चों के साथ फिरोज मकान खाली कर भाग गया। सर्राफ उसके बाद कोलकाता पहुंचकर फिरोज की तलाश की। फिरोज के अन्य भाई और परिवार के सदस्य घर पर मौजूद मिले। लेकिन फिरोज और उसका परिवार मौजूद नहीं था। फिरोज की तलाश करते सर्राफ भी थक गए है। उसके बाद अभी तक थाने में मुकदमा दर्ज नहीं कराया। एसओ दिनेश चंद्र ने बताया कि सर्राफ की तहरीर मिलने पर ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप