0 जनपद की जनसंख्या 20 लाख के आसपास

0 महानगर की जनसंख्या 5.5 लाख लगभग

झाँसी : को-वैक्सिन और कोवि-शील्ड की जो पहली खेप झाँसी आयी है, उस हिसाब से 5.5 लाख लोगों का टीकाकरण हो सकता है, जबकि झाँसी जनपद की जन संख्या लगभग 20 लाख है। इसमें से महानगर की जनसंख्या 5.5 लाख के आसपास है।

पुणे से जो वैक्सीन मिली है, उसमें से एक वैक्सीन 10 लोगों के लिये है। इस आधार पर कम्पनि की ओर से मिली 47 ह़जार वैक्सीन 4.7 लाख लोगों के लिये होगी। वहीं, लखनऊ से जो वैक्सीन मिली है उसमें 20 लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इस लिहा़ज से 4,380 वैक्सीन से 87,600 को टीका लगाया जा सकेगा। जनपद की आबादी को देखते हुये अभी कई और खेप की व्यवस्था प्रशासन को करनी होगी पर मौजूदा खेप के मुकाबले फिलहाल कई दिनों तक टीकाकरण का क्रम टूटने की सम्भावना नहीं है।

सीमायें बदलते ही बदले सुरक्षाकर्मियों के चेहरे

- सुबह 7:30 बजे रक्सा बॉर्डर पर एमपी पुलिस ने वैन को किया हैण्डओवर

- शाम 8:30 बजे लखनऊ से झाँसी पहुँची पहली खेप

झाँसी : पुणे व लखनऊ से आई वैक्सीन कड़ी सुरक्षा के बीच जनपद तक लाई गई। पुणे से सबसे पहली खेप सुबह 7:30 बजे आई। स्थानीय पुलिस बल की मौजूदगी में मध्य प्रदेश पुलिस ने वैक्सीन वैन को उत्तर पुलिस के हैण्डओवर किया। वहीं, लखनऊ की वैक्सीन देर शाम झाँसी पहुँची।

पुणे से कोवि-शील्ड वैक्सीन मंगलवार को झाँसी तक आने वाली वैक्सिनेटर वैन (एमएच 04 जेयू 5486) से महाराष्ट्र पुलिस की अभिरक्षा में बॉर्डर तक लाई गई। महाराष्ट्र से सटे मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर पहुँचते ही महाराष्ट्र पुलिस ने वैक्सीन वैन को बुधवार को मध्य प्रदेश पुलिस के हैण्डओवर कर दिया। गुरुवार को वैन शिवपुरी होते हुये रक्सा टोल पर पहँुची। यहाँ पहले से मौजूद थाना सीपरी बा़जार, थाना नवाबाद और थाना रक्सा के पुलिस बल ने वैन को अपनी निगरानी में ले लिया। रक्सा बॉर्डर से मध्य प्रदेश पुलिस साथ आई एक और वैन, जो ग्वालियर तक जानी थी, उसके साथ पहुँचे। वैन में दो सुपरवाइ़जर थे, जबकि निगरानी में मध्य प्रदेश की 3 पुलिस वैन शामिल थीं।

इधर, लखनऊ से वैक्सीन लाने के लिये झाँसी की वैक्सीन वैन (यूपी 93 एजी 0487) अपराह्न 2 बजे के आसपास लखनऊ से चली। इसमें एक सुरक्षा कर्मी, एक कोल्ड चेन कर्मी तथा एक सुरक्षा कर्मी तैनात था। यह वैन रात लगभग 8:30 बजे ़िजला क्षय रोग अस्पताल पहुँची।

फोटो : 14 जेएचएस 1, 14 एसएचवाइ 26

:::

झाँसी : ये हैं वैक्सीन को सुरक्षित पहुँचाने वाले कर्मचारी। -जागरण

:::

6 मजबूत कन्धों ने निभाई जिम्मेदारी

झाँसी : जनपद तक वैक्सीन को सुरक्षित पहुँचाने में सुरक्षाकर्मियों के कन्धों पर जितनी जिम्मेदारी थी, उससे अधिक जिम्मेदारी अन्य की भी रही। कुल मिलाकर सुरक्षाकर्मियों के अलावा 5 ऐसे भी थे, जिन्होंने इस पूरी कड़ी में अहम रोल निभाया। पुणे से सुपरवाइ़जर पंकज पुनिया और कुन्दन पाँचाल के अलावा ट्रक ड्राइवर 3 दिन में वैक्सीन को सुरक्षित लेकर झाँसी आये। उन्होंने बताया कि उनकी वैन 24 घण्टे पुलिस निगरानी में रही तो वहीं तापमान को नियन्त्रित करने के लिये वह दिन-रात जगते रहे। वहीं, लखनऊ से वैक्सीन लाने की जिम्मेदारी चालक बलराम सिंह, कोल्डचेन होल्डर दीपक कुशवाहा व सिपाही कैलाश की रही।

रेलवे के कोरोना योद्धाओं को पहले लगेगी वैक्सीन

- डीआरएम ने विभागाध्यक्षों को दिए निर्देश

- फ्रण्टलाइन कर्मियों की लिस्ट तैयार करने को कहा

- रेलवे ने ़िजला प्रशासन को भेजी लिस्ट

झाँसी : कोरोना काल में संचालित होने वाली ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों को संक्रमण से मुक्त रखा जाए, इसके लिए रेल मण्डल के स्वास्थ्य कर्मियों ने सराहनीय कार्य किया। जब श्रमिक स्पेशल से ह़जारों की संख्या में श्रमिक झाँसी पहुँचे तो दिन-रात ड्यूटि पर रहते हुए इन कर्मियों ने उनके स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर अस्पताल में बेहतर उपचार किया। रेलवे ने अपने कर्मियों की इसी मेहनत को सराहते हुए उन्हें 'फ्रण्टलाइन योद्धा' का नाम दिया है। वहीं, अब जब कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन आ गई है तो रेलवे ने ़िजला प्रशासन की माँग पर सबसे पहले अपने स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगवाने की योजना बनाई है। गुरुवार को रेल मण्डल ने टीकाकरण के लिए अपने सभी स्वास्थ्य कर्मियों की लिस्ट मेडिकल कॉलिज प्रशासन को भेज दी है। वहीं, अगले दौर के टीकाकरण के लिए रेलवे ने ऐसे विभाग को चिह्नित किया है, जो यात्रियों के सीधे सम्पर्क में रहे हैं।

25 मार्च 2020 को सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया था। इस लॉकडाउन में जो व्यक्ति जहाँ था, वहीं फँस कर रह गया। लोगों के पास खाने तक के पैसे नहीं बचे। हालात बिगड़ न जाएं, इसलिए सरकार ने श्रमिक स्पेशल ट्रेन का संचालन करने का निर्णय लिया। संक्रमण के दौर में सुरक्षित यात्रा कराना पाना रेलवे के लिए पहाड़ जैसी चुनौती थी, लेकिन इस चुनौती को रेलवे स्टेशन पर मुश्तैदी से अपनी ड्यूटि कर रहे रेलवे के स्वास्थ्य और अन्य कर्मियों ने हलका कर दिया। ऐसा नहीं था कि उन्हें अपनी जान का डर नहीं था। बावजूद इसके स्टेशन पर आने जाने वाले हर यात्री को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही प्लैटफॉर्म पर जाने दिया। स्टेशन पर उमड़ी भीड़ का स्वास्थ्य परीक्षण और कोविड मरी़जों की देखभाल के लिए रेलवे के स्वास्थ्य कर्मियों ने ख़्ातरा मोल लेते हुए हालात को बिगड़ने नहीं दिया। रेल कर्मियों के इस समर्पण को रेलवे ने सम्मान देते हुए उनको 'फ्रण्टलाइन योद्धा' घोषित किया है। इसके साथ ही मण्डल ने निर्णय लिया है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के प्रथम चरण में रेल स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगवाई जाएगी। इसके लिए रेलवे ने अपने सभी स्वास्थ्य कर्मियों की लिस्ट ़िजला प्रशासन के माध्यम से मेडिकल कॉलिज को भेज दी है। पहले चरण के बाद रेल सुरक्षा बल और वाणिज्य विभाग के कर्मियों को वैक्सीन लगवाई जाएगी। इसको लेकर मण्डल रेल प्रबन्धक ने सभी विभागों से अपने कर्मियों की लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

फोटो हाफ कॉलम

:::

इन्होंने कहा

रेलवे के स्वास्थ्य कर्मियों की लिस्ट वैक्सीनेशन के लिए भेजी जा चुकी है। लोगों से सीधे जुड़ने वाले विभागों की लिस्ट भी तैयार की जा रही है। जो गाइडलाइन अनुसार उपलब्ध करा दी जाएगी।

सन्दीप माथुर

मण्डल रेल प्रबन्धक (झाँसी)

फाइल : पंकज कश्यप

दिनाँक : 14 जनवरी 2021

समय : 10:15 बजे

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021