लोगो : गुड न्यू़ज

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फोटो : 11 एसएचवाई 4

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झाँसी : फोर-लेन में तब्दील होती ललितपुर जाने वाली सड़क। -जागरण

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फोटो : 11 एसएचवाई 19

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विद्युत पोल शिफ्ट करते कर्मी। -जागरण

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फोटो : 11 एसएचवाई 20

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पुलिया को किया गया चौड़ा। -जागरण

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0 जेल चौराहा से बिजौली तक 11 किलोमीटर फोर-लेन सड़क बनायी जा रही

0 दोनों तरफ 9-9 मीटर चौड़ी सड़क के साथ 3 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा डिवाइडर

0 अगले माह तक नैशनल हाई-वे पुल से हँसारी तक तैयार हो जाएगी सड़क

0 महापौर की पहल रंग लायी, 2 साल से अटकी सड़क की समस्याओं को कराया निस्तारण

इरशाद खान (झाँसी) : का़ग़जों में लकीर खींचकर प्रस्ताव बनना जितना आसान है, उतना ही मुश्किल होता है उसका ़जमीन पर उतरना। इच्छा शक्ति हो तो फिर हर मुश्किल और बाधा दूर होती जाती है और परिणाम सार्थक आते हैं। इसका उदाहरण बनने जा रही है जेल चौराहा से बिजौली तक बनाई जा रही सड़क। महानगर में मॉडल बनने जा रही इस सड़क पर न सिर्फ वाहन सरपट दौड़ेंगे, रात होते ही सड़क दूधिया रोशनी से सराबोर होगी।

जेल चौराहा से ललितपुर जाने वाली सड़क का 11 किलोमीटर का हिस्सा छोड़ दिया जाए, तो बाकी सड़क हाई-वे में तब्दील हो चुकी है। बिजौली नहर के आगे रक्सा से बबीना को जोड़ने वाली बाईपास सड़क निकली हुई है। जेल चौराहा से बिजौली के आगे तक की सड़क को फोर-लेन में बदलने की योजना समाजवादी पार्टी सरकार में बनी थी। लगभग 70 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क का उसी समय टेण्डर हो गया था, लेकिन सड़क पर पड़ने वाले अड़ंगों को नहीं हटाया गया था। नतीजा, निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही विवाद खड़े हो गए। फाइल धूल फाँकने लगी। सरकार बदली और वर्ष 2019 में मुख्यमन्त्री योगी आदित्य नाथ झाँसी आए तो इस सड़क के लिए महापौर रामतीर्थ सिंघल ने पहल की। मुख्यमन्त्री को सड़क निर्माण और उसके व्यवधान के बारे में बताया। इस पर तय हुआ कि सभी विभाग एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) देंगे और इस पर तेजी से काम करेंगे। सबसे पहले वन विभाग से एनओसी ली गयी और जितने भी पेड़ काटे गए, उसका भुगतान किया गया। बीच का एक हिस्सा सेना के क्षेत्र में होने पर मामला फँस गया। सेना सड़क किनारे की ़जमीन को अपना मान रही थी। महापौर ने राजस्व महकमे से पैमाइश करायी तो यह ़जमीन पीडब्लूडी की निकली, जिससे विवाद खत्म हो गया और सेना से भी एनओसी मिल गई। बिजली विभाग की लाइन और ट्रांस्फॉर्मर शिफ्ट करने थे तो जल निगम को यहाँ से 110 एमएलडी (मिलियन लिटर्स पर-डे) की पाइप लाइन बिछानी थी। दोनों ही मामले पेंचीदा होने पर इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू किया गया। आज स्थिति यह है कि जेल चौराहा से हँसारी तक की सड़क को छोड़ दिया जाए तो आगे की लगभग 7 किलोमीटर की सड़क चौड़ी हो गयी है और बीच में 3 मीटर का डिवाइडर बनाया जा रहा है। जिस तेजी से काम चल रहा है, उससे यह हिस्सा अगले माह (फरवरी) के अन्त तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद हँसारी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के साथ ही पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। विद्युत विभाग ने अपने हिस्से का लगभग पूरा काम कर लिया है।

पहली बार तालमेल से हो रहा काम

अक्सर यही देखने-सुनने को मिलता है कि सरकारी महकमों में आपसी तालमेल नहीं हो पाता। एक विभाग सड़क का निर्माण करता है तो दूसरा अपने काम के लिए गैंती-फावड़ा लेकर खड़ा हो जाता है। जेल चौराहा से ललितपुर रोड पर हाई-वे पुल के आगे की सड़क में पीडब्लूडी विभाग जहाँ सड़क का निर्माण कर रहा है तो बिजली विभाग यहाँ से निकली 33 व 11 केवीए की लाइन के साथ ही ट्रांस्फॉर्मर शिफ्ट कर रहा है। यहाँ से 110 एमएलडी की पाइप लाइन भी जल निगम द्वारा बिछायी जा रही है। विभागों के अलग-अलग काम और एक ही स्थान पर होने पर महापौर रामतीर्थ सिंघल ने सभी विभागों के एक मेज पर बिठाया और सभी से अपने कार्य और उसकी योजना की जानकारी की। इसके बाद सभी विभाग ने एक के बाद एक काम करने की योजना बनायी। इसका ही परिणाम है कि एक तरफ से काम होता चला जा रहा है।

डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइट लगाएगा नगर निगम

जेल चौराहा से बिजौली तक सड़क के डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम नगर निगम करेगा। इसका प्रस्ताव तैयार हो गया है। 15वें वित्त आयोग की बैठक में इसको रखा जाएगा। लगभग 3.5 करोड़ रुपये की लागत से नगर निगम डिवाइडर पर पोल लगाने के साथ ही दोनों तरफ स्ट्रीट लाइट लगाएगा, जिससे रात में यह सड़क दूधिया रोशनी से जगमग हो जाएगी।

फाइल : इरशाद खान

14 जनवरी 2021

समय : 7.30 बजे

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