संवाद सूत्र, बाढड़ा : जाटों का इतिहास रहा है कि देश की आजादी का या फिर वर्तमान में देश की रक्षा का सवाल हो जाट शहादत देते रहे है। फिर भी जाट समाज उपेक्षा का शिकार है। केंद्र सरकार की नौकरियों में जाटों को आरक्षण मिलाना चाहिये। यह बात अखिल भारतीय जाट महासभा के युवा प्रदेश महासचिव मुनीश बडेसरा व हलका महासचिव कुलजीत श्योराण ने जाट आरक्षण मुद्दे को लेकर जनसम्पर्क अभियान के तहत बृहस्पतिवार को गांव जेवली, बेरला, कुब्जानगर व झोझूकला में कही। उन्होने कहा कि चौ. छोटूराम, चौ. छाजूराम, राजा सूरजमल, राजा जवाहर सिंह, जाट रामलाल खोखर, राजा रणजीत सिंह, राजानाहर सिंह, भगत सिंह अनेक देशभक्त हुए है। खेलों में दारा सिंह, वीरेंद्र सहवाग, वीरेंद्र सहवाग, विजेंदर, गीता फौगाट, साइना नेहवाल, कृष्णा पूनिया ने विभिन्न खेलो में पदक जीत कर देश का नाम ऊंचा किया है। फिर भी जाट कौम सरकार की उपेक्षा की शिकार है। इस अवसर पर छोटूराम बाढड़ा, देवेन्द्र जेवली, रणबीर बेरला, नरेश नम्बरदार कुब्जा, दलजीत श्योराण डालवास, विनोद नम्बरदार, रामनिवास नम्बरदार, सीटू सागवान झोझू, सुनील चहल, देवेन्द्र सागवान, प्रदीप सिहाग उपस्थित थे।