जौनपुर : उत्तर प्रदेश टेक्निकल विश्वविद्यालय लखनऊ के दूसरे चरण की काउंसि¨लग में वेबसाइट से फिर पूर्वाचल विश्वविद्यालय का नाम गायब है। इसे यूपीटीयू की चूक कहें या लापरवाही कि प्रथम काउंसि¨लग के पहले चरण में नाम न आने पर पूर्वाचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने मामले की शिकायत यूपीटीयू से की थी। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। जिम्मेदार मौन हैं और गरीब छात्रों को सस्ती फीस पर विश्वविद्यालय में प्रवेश का मौका नहीं मिल सका है।

पूर्वाचल विश्वविद्यालय में संचालित बीटेक, बीफार्मा, एमबीए में प्रवेश के लिए यूपीटीयू की संयुक्त प्रवेश परीक्षा होती है। प्रथम काउंसि¨लग का प्रथम चरण 16 से 28 जून तक चला। इसके बाद 29 जून को कालेज का एलाटमेंट दिया गया। इसमें एक से 35 हजार रैंक वाले अभ्यर्थी शामिल थे। पूविवि को काउंसि¨लग में न शामिल किए जाने की खबर 'दैनिक जागरण' ने 30 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की। इसके बाद दूसरे चरण की काउसि¨लग दो जुलाई गुरुवार से शुरू हो गई है जिसमें 35001 से सभी अभ्यर्थियों को काउंसि¨लग में शामिल होने का मौका दिया गया है। यूपीटीयू की ओर से जारी विवरण पत्रिका में विश्वविद्यालय का नाम डाला गया है मगर वेबसाइट पर नाम नहीं दर्शाया जा रहा है। नेट पर विश्वविद्यालय का च्वाइस लॉक आप्शन में नाम न होने की वजह से अभ्यर्थियों को मजबूरन प्राइवेट कालेज में प्रवेश लेना पड़ रहा है। इससे गरीब छात्रों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रथम व दूसरी काउंसि¨लग तक विश्वविद्यालय में करीब 500 से 600 छात्र प्रवेश ले लेते थे। इसके बाद विश्वविद्यालय बची हुई सीटों पर पीयू कैट के जरिए प्रवेश लेता है। यूपीटीयू की इस लापरवाही से पूर्वाचल विश्वविद्यालय को ढाई से तीन करोड़ का नुकसान हुआ है।

-------------------

'यूपीटीयू की प्रथम काउंसि¨लग का दूसरा चरण चल रहा है। इसके बाद दूसरी काउंसि¨लग में वेबसाइट पर विश्वविद्यालय का नाम डाला जाएगा। इसके लिए यूपीटीयू के कुलपति से बात की गई है। खाली सीटों पर अभ्यर्थियों का प्रवेश करा लिया जाएगा।'

-प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल, कुलपति, पूर्वाचल विश्वविद्यालय।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप