लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने बुंदेलखंड की भांति पूर्वाचल के लिए भी विशेष पैकेज को जरूरी बताते हुए कहा कि इसके लिए दिल्ली में हर स्तर पर वकालत करेंगे। दैनिक जागरण फोरम के मंच पर शनिवार को उन्होंने स्वीकार किया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के हालात एक जैसे थे परन्तु पिछले सात-आठ वर्षो में बिहार का माहौल बदला।

उन्होंने कहा कि भले ही दिखावा हो परन्तु बिहार में सड़कें बन रही है। विकास दर भी सुधरी है लेकिन यूपी में ऐसा नहीं हुआ। यूपी को भी सीख लेनी चाहिए क्योंकि पूर्वी जिलों में अपार संभावनाएं है। दूसरी हरित क्रांति शुरू होने का भी अपेक्षित लाभ अभी यहां नहीं मिला। फैक्ट्रियां बंद पड़ी है और सड़कों की दशा भी दुरुस्त नहीं है। बुंदेलखंड की तर्ज पर पूर्वाचल से पिछड़ापन दूर करने को उन्होंने विशेष कार्ययोजना बनाना जरूरी बताया। राजस्व मंत्री अंबिका चौधरी द्वारा पैकेज के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके लिए अपने विभाग से उन्होंने पेयजल आपूर्ति की एक योजना तैयार की है। योजना आयोग से कई बार पूर्वाचल के लिए अलग पैकेज को कहा जा चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में हुए विकास का हवाला देते हुए कहा कि वह राजनीति नहीं केवल विकास की बात करने आए है। छोटे राज्यों के सवाल से अलग हटते हुए उन्होंने कहा कि जब तक पूर्वाचल और बुंदेलखंड का विकास नहीं होगा तब यूपी आगे नहीं बढ़ेगा।

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