लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। जेपी एसोसिएट्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन मनोज गौड़ का कहना था कि यूपी के लोगों में दम है। वह चाहें तो सब कुछ किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यूपी में 25-25 जिलों क्लस्टर बनाकर विकास की योजनाएं तैयार की जाएं तो वह अधिक प्रभावी होंगी।

मनोज गौड़ ने इसी संदर्भ में प्रदेश की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं का भी उदाहरण दिया कि यमुना एक्सप्रेस वे और फार्मूला रेस उनके लिए चुनौती थी और आज यह दोनों योजनाएं मूर्त रूप में आ चुकी हैं। उनका कहना था कि सफलता का फार्मूला क्या हो सकता है, इस पर कोई निश्चित राय नहीं हो सकती लेकिन यह तय है कि जो उद्यमी काम करेगा, इसे अच्छे परिणाम भी मिलेंगे। उनका कहना था सरकार को अपने स्तर पर भी कदम आगे बढ़ाने होंगे। देश में अब यह परंपरा सी बनती जा रही है कि बिना आंदोलन के कोई काम ही नहीं होता।

मनोज गौड़ ने कहा कि विकास को समग्र रूप से देखने की जरूरत भी है। मुझे यह समझ में नहीं आता कि आखिर शौचालयों की व्यवस्था के बिना किसी गांव का विकास कैसे किया जा सकता है। निश्चित रूप से विकास के लिए लोगों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने विकास के नक्शे को जनसंख्या के अनुपात में देखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 20 करोड़ लोगों के लिए यदि 14 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा तो कटौती करनी ही होगी। साक्षरता दर और प्रति व्यक्ति आय में अपेक्षित वृद्धि न होना भी इस बात का उदाहरण है कि जनसंख्या के नजरिए से इस दिशा में काम नहीं किया गया।

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