लखनऊ, जागरण ब्यूरो। कोशिश रंग लाई। उत्तर प्रदेश का 'कल' संवारने को 'दैनिक जागरण' के 19 दिन तक चले अभियान ने जो बुनियाद तैयार की, शनिवार को 'फोरम' के तहत यही कोई आठ घंटे के लम्बे विमर्श के बाद उस पर विकास की इमारत खड़ी होने की उम्मीद जगी। फोरम में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यकीन दिलाया कि 'दैनिक जागरण' के विकास का एजेंडा उनकी सरकार का एजेंडा होगा।

'दैनिक जागरण' के अभियान के तहत अलग-अलग क्षेत्रों से विकास की जो अपेक्षाएं सामने आई हैं और फोरम में विशेषज्ञों ने विकास को लेकर जो सुझाव दिए हैं, उनकी सरकार उसे प्राथमिकता सूची में शामिल करेगी। 'दैनिक जागरण' के संपादक / सीईओ संजय गुप्त और राजनीतिक सम्पादक प्रशांत मिश्र द्वारा सौंपी गई अभियान की रिपोर्ट को सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों व अधिकारियों को सिपुर्द करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुझावों पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।

शनिवार को लखनऊ के होटल 'ताज' में आयोजित 'जागरण फोरम' में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। खुलकर सवाल-जवाब के दौर हुए। सबकी राय यही थी कि अगर हम उप्र को बेहतर प्रदेश के रूप में देखना चाहते हैं तो प्राथमिकता में विकास सर्वोच्च पर होना चाहिए। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सबेरे अपने उद्घाटन भाषण में अगर सबका विकास सुनिश्चित करने की राह में आने वाली सभी तरह की मुश्किलों को दूर करने की नसीहत दी तो उसके बाद के सत्र में पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने भी माना कि राजनीतिक मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं लेकिन विकास के मुद्दे पर कोई मतभेद नहीं होना चाहिए।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने यह कहने गुरेज नहीं दिखाया कि अगर हम विकास चाहते हैं तो राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी भाषा केंद्र और राज्य में तथा सत्ता में रहने पर और सत्ता में बाहर होने पर भी एक ही रहे। विकास के सपने और भविष्य का रास्ता विषय पर अलग-अलग क्षेत्रों में सफल देश के तीन प्रमुख उद्यमियों ने औद्योगिक नजरिए से सूबे के विकास का खाका खींचा। दुपहिया वाहनों में शीर्षस्थ कंपनी हीरो कार्प के जेएमडी सुनील कांत मुंजाल, जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ और मेदांता मेडिसिटी के चेयरमैन डा. नरेश त्रेहन और निर्माण के क्षेत्र की अग्रणी कंपनी जेपी एसोसिएट्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन मनोज गौर अपनी सफलता के मानदंडों को सामने रखते हुए संभावनाओं की तलाश की। तीनों उद्यमी इस पर एक राय थे कि उद्योग क्षेत्र में सामाजिक विकास को जोड़ा जाना चाहिए और उसमें निजी क्षेत्र के उद्यमी सरकार के सहयोग से अहम भूमिका निभा सकते है। मुंजाल ने तो प्रकारांतर से संकेत भी दिए कि सरकार को नागरिकों अपने प्रति विश्वास का भाव और बढ़ाना होगा। उनका आशय ऐसा था कि सरकारी नीतियां भी ऐसी होनी चाहिए कि उसमें उद्यमियों के लिए आकर्षण का भाव नजर आए। डा. नरेश त्रेहन ने सोनीपत के एक गांव का मॉडल पेशकर इस बात को स्थापित भी किया कि निजी स्तर पर उद्यमी विकास में किस स्तर की भूमिका निभा सकते हैं। मनोज गौड़ ने भी यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे 14 स्थानों पर मॉडल सामुदायिक केंद्र स्थापित करने की बात से विकास के प्रति गंभीरता स्थापित की। उन्होंने यह भी बताया कि जेपी 13 हजार बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रही है।

'समकालीन चिंतन : उत्कृष्टता की खोज' विषय पर आयोजित विचारोत्तेजक सत्र में वक्ताओं ने कहा कि सही नीतियां और दृढ़ इच्छाशक्ति के जरिये यूपी की तस्वीर और तकदीर बदली जा सकती है। आइआइटी कानपुर के निदेशक प्रो.एसजी धांडे ने शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए पढ़ाई के तौर-तरीकों में बदलाव के साथ उप्र के विकास में यहां तैयार होने वाले दक्ष मानव संसाधन के इस्तेमाल की वकालत की। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार डॉ. मंगला राय ने कहा कि फसल और मछलियों का उत्पादन बढ़ाने के साथ कृषि व पशुजनित उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से ग्रामीणों की कमाई बढ़ाई जा सकती है। राज्य सभा के पूर्व महासचिव ने योगेन्द्र नारायण ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के साथ लोकतंत्र में जनता के डगमगाते विश्वास की बहाली पर जोर दिया। वहीं रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलपति प्रो.मुहम्मद मुजम्मिल ने समेकित के साथ पर्यावरण संगत विकास पर बल दिया।

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