चंडीगढ़। हॉकी इंडिया (एचआइ) द्वारा भारतीय हॉकी टीम के सीनियर मिडफील्डर गुरबाज सिंह पर अनुशासन भंग करने और दुर्व्यवहार के कारण लगाए गए नौ महीने के प्रतिबंध को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रद कर दिया। गुरबाज की याचिका पर हाईकोर्ट के जस्टिस आरके जैन की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।

कोर्ट ने एचआइ व हॉकी इंडिया लीग (एचआइएल) की खिलाड़ी विवाद एवं शिकायत निवारण समिति को निर्देश दिया कि वह आदेश मिलने के एक सप्ताह के भीतर दोबारा बैठक कर गुरबाज पर नियमों के तहत निर्णय ले। इसकी जानकारी दो दिन के भीतर गुरबाज को भी दें। गुरबाज ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में प्रतिबंध के फैसले को चुनौती दी थी।

उन्होंने कहा था कि उन पर लगाया गया प्रतिबंध गलत है। एचआइ व एचआइएल की खिलाड़ी विवाद एवं शिकायत निवारण समिति ने बैठक कर गुरबाज को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया था। फेलिक्स (बेल्जियम) में हुए हॉकी वल्र्ड लीग सेमीफाइनल के बाद तैयार रिपोर्ट समिति के सामने रखी गई थी, जिसमें पिछले तीन टूर्नामेंट में गुरबाज के व्यवहार पर प्रतिक्रिया दी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि गुरबाज ने प्रशिक्षकों व अन्य कोचिंग स्टाफ के साथ दुव्र्यवहार किया।

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Edited By: sanjay savern