ग्लास्गो, प्रेट्र। भारत को पहला चैंपियन मिलने का इंतजार एक बार फिर बढ़ गया। देश की बिटिया पीवी सिंधू जीत के करीब आकर हार गईं। रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे तीन गेमों के इस उतार चढ़ाव भरे मुकाबले में सिंधू को फाइनल में जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा के हाथों 19-21, 22-20, 20-22 से शिकस्त मिली। हैदराबादी खिलाड़ी भले ही मैच हार गईं, लेकिन उन्होंने अपने शानदार खेल से एक बार फिर सवा अरब भारतीयों का दिल जीत लिया। एक साल पहले रियो ओलंपिक में भी सिंधू लड़कर फाइनल में हारी थीं और उनके खाते में रजत ही आया था।

दूसरी खिलाड़ी 

दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी सिंधू साइना नेहवाल के बाद इस चैंपियनशिप के चालीस साल के इतिहास में फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी खिलाड़ी हैं। साइना को 2015 में फाइनल में हार मिली तो सिंधू इस बार खिताब के करीब आकर चूक गईं। साइना के बाद सिंधू इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय हैं।

ओकुहारा की चौथी जीत 

जापानी खिलाड़ी की यह दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी सिंधू पर सात मुकाबलों में चौथी जीत है। इससे पहले खेले गए छह मुकाबलों में से दोनों ने तीन-तीन जीते थे। ओकुहारा यह खिताब जीतने वाली पहली जापानी शटलर बनीं।

पहला गेम 25 मिनट में जीतीं ओकुहारा

पहला गेम काफी रोमांचक रहा, जोकि 25 मिनट तक चला। ओकुहारा ने पहला अंक लिया, लेकिन सिंधू ने तुरंत बराबरी की। कुछ देर तक सिलसिला ऐसे ही चलता रहा और एक समय स्कोर 5-5 से बराबर था। सिंधू ने यहां से बढ़त बनाना शुरू की और ब्रेक तक इसे 11-5 कर दिया। ब्रेक के बाद ओकुहारा ने सिंधू पर दबाव बनाना शुरू किया और भारतीय खिलाड़ी ने गलतियां करनी शुरू कर दीं। एक समय ओकहारा 14-11 से आगे थी, लेकिन सिंधू ने लगातार तीन अंक लेकर स्कोर 14-14 कर दिया। ओकुहारा ने लगातार चार अंक लेकर फिर 18-14 की बढ़त ले ली। सिंधू ने स्कोर 19-19 से बराबर किया, लेकिन अपनी गलती से वह एक अंक गंवा बैठी और जापानी खिलाड़ी को बढ़त दे दी, जिसका फायदा उन्होंने उठाया और पहला गेम जीत ले गईं।

सिंधू ने की वापसी 

दूसरे गेम की शुरुआत में सिंधू हावी रहीं। उन्होंने 5-1 की बढ़त ले रखी थी, जिसे ब्रेक तक 11-8 कर लिया। एक बार फिर जापानी खिलाड़ी ने वापसी की और लगातार अंक लेकर एक समय स्कोर 17-18 कर लिया। सिंधू ने यहां से तीन लगातार अंक लिए और स्कोर 20-17 कर लिया। दूसरा गेम उनकी झोली में लग ही रहा था कि वह तीन लगातार शॉट्स नेट पर मार बैठीं और ओकुहारा ने ने 20-20 से बराबरी कर ली। सिंधू ने गलती सुधारी और लगतार दो अंक लेकर 22-20 से गेम अपने नाम कर मैच को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया। यह गेम 36 मिनट तक चला।

46 मिनट चला निर्णायक गेम 

रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचा निर्णायक गेम रिकॉर्ड 46 मिनट तक चला। ओकुहारा शुरू में 5-1 से आगे थी। सिंधू ने हार नहीं मानी और वापसी कर स्कोर 5-5 और ब्रेक तक 11-9 कर दिया। यहां से ओकुहारा ने बैकहैंड बॉडी स्मैश और फोरहैंड रिटर्न से 13-12 की बढ़त बना ली। सिंधू ने स्कोर 17-17 करने के बाद 19-17 कर दिया। सिंधू की गलती से वह स्कोर 19-19 और फिर 20-20 करने में सफल रहीं। इसके बाद जापानी खिलाड़ी ने सिंधू को चकमा देकर गेम के साथ खिताब भी जीत लिया।

मैं बहुत निराश हूं। तीसरा गेम 20-20 तक पहुंच गया था जोकि कोई भी जीत सकता था। हरेक का लक्ष्य स्वर्ण पदक होता है और मैं यहां इसके बहुत नजदीक थी। लेकिन अंतिम क्षणों में सब बदल गया। उसके (ओकुहारा) खिलाफ खेलना आसान नहीं है। मैं कड़े और लंबे मुकाबले के लिए तैयार थी। लेकिन आज मेरा दिन नहीं था।

पीवी सिंधू, हार के बाद

बहुत बढ़िया खेली पीवी सिंधू। विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में खेले गए आपके खेल पर हमें गर्व है। बधाई। नरेंद्र मोदी, पीएमबहुत बढ़िया खेली पीवी सिंधू। 

नरेंद्र मोदी, पीएम

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Posted By: Mohit Tanwar

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