जागरण संवाददाता, झज्जर : पुलिस महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब पता चला कि एसपी वसीम अकरम की वाट्स एप पर फोटो लगाकर शातिर पुलिस से जुड़ी जानकारियों को मांग रहा है। ऐसे में मामले का खुलासा तब हुआ जब संदेह होने पर पुलिस अधिकारियों ने इस बारे में साइबर सिक्योरिटी ब्रांच से संपर्क किया। जिसके बाद पता चला कि किसी बदमाश ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। एएसआइ देवेंद्र (इंचार्ज साईबर सिक्योरिटी ब्रांच) ने बताया कि वह अपने कार्य में था। इस दौरान जिले के कई अधिकारियों का उनके पास फोन आया और पूछा कि क्या पुलिस अधीक्षक ने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया है। कई अधिकारियों द्वारा फोन पर यह सवाल पूछे जाने पर सोच में पड़ गया। क्योंकि जिले के सभी सरकारी नंबरों की देखरेख करने का कार्य उन्हीं के हाथों में होता है। देवेंद्र ने बताया कि जब पुलिस अधीक्षक के निजी स्टाफ से इस मोबाइल नंबरों के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि बताए गए मोबाइल नंबर एसपी द्वारा उपयोग में नहीं लाए जाते हैं। घटनाक्रम के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से झज्जर जिले के कई एसएचओ और चौकी इंचार्ज के पास एक अनजान नंबर से वाट्सएप पर मैसेज भेजकर पुलिस की मूवमेंट और गश्त पूछी जा रही थी। उक्त नंबर पर झज्जर के एसपी वसीम अकरम की वर्दी पहने हुए फोटो लगी थी। साथ ही नीचे उनका नाम भी लिखा था। एक दूसरे नंबर पर भी एसपी की फोटो लगी थी, जबकि नाम आइएएस भीम सिंह कमिश्नर लिखा हुआ था। पुलिस अधिकारियों को लगा कि एसपी वसीम अकरम का नंबर बदल गया है , लेकिन जब साइबर सिक्योरिटी इंचार्ज तक बात पहुंची तो उन्होंने अपने स्तर पर पता किया। उसके बाद खुलासा हुआ कि एसपी ने किसी भी तरह का नंबर नहीं बदला है। मामला संज्ञान में आने के बाद दोनों नंबरों के खिलाफ साइबर थाना झज्जर में शिकायत दर्ज करते हुए जांच की जा रही है। मामले में एफआइआर दर्ज कर ली है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा

वसीम अकरम, एसपी झज्जर इस मामले का जल्द होगा खुलासा : इधर, हाल ही में एसपी वसीम अकरम सहित अन्य अधिकारियों का फोन नंबर विज्ञापन में टावर लगवाने के नाम पर प्रकाशित हुआ था। जिस पर एसपी वसीम अकरम ने कहा कि टीम आरोपितों के करीब पहुंच चुकी हैं। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। बता दें कि प्रकाशित हुए विज्ञापनों में झज्जर, कुरूक्षेत्र, महेन्द्रगढ़, रेवाड़ी आदि जिला के एसपी का नम्बर दिया गया है। यह मामला संज्ञान में उस समय आया जब इन पुलिस अधीक्षकों के नम्बरों पर फोन आने शुरू हुए और उनसे टावर लगाने संबंधी जानकारियां मांगी गई।

Edited By: Jagran