विंध्याचल दर्शन करने आए युवक को गोली मारने वाले छह आरोपित गिरफ्तार

- आपसी विवाद को लेकर मारी गोली, बिहार के रहने वाले गिरफ्तार आरोपित

- आरोपितों के पास से तीन वाहन बरामद किए गए, पिस्टल अभी नहीं मिली

जागरण संवाददाता, मीरज़ापुर: अष्टभुजा पुलिस चौकी के पीछे 14 अगस्त को एक व्यक्ति को गोली मारकर घायल करने के मामले में पुलिस ने छह आरोपितों को विंध्याचल व चील्ह से सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से तीन वाहन बरामद किया है। सभी के विरुद्ध जानलेवा हमला समेत अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है जबकि दो आरोपित फरार चल रहे हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

पुलिस लाइन में एएसपी संजय वर्मा ने मीडिया को बताया कि 14 अगस्त को बिहार से कुछ लोग विंध्याचल में दर्शन-पूजन करने आए थे। करीब दस से 12 लोग अष्टभुजा पुलिस चौकी के पीछे खाना बना रहे थे। इसी बीच दोनों पक्षों ने किसी बात को लेकर विवाद में मारपीट कर ली। मामला बढ़ने पर एक पक्ष ने पिस्टल से कन्हैया प्रसाद निवासी ब्रह्मपुर जिला बक्सर बिहार को गोली मार दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें मंडलीय चिकित्सालय लाया गया तो चिकित्सक ने बीएचयू रेफर कर दिया। इस मामले में बिहार के बक्सर जिला के ब्रह्मपुर गांव निवासी धनजी पासवान ने विंध्याचल कोतवाली में देर रात तहरीर दी। पुलिस ने सोमवार को विंध्याचल, अष्टभुजा पहाड़ी व चील्ह से छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में विवाद का कारण शराब पीने व आपसी विवाद को लेकर मारपीट होना बताया गया। पकड़े गए बदमाशों में संतोष कुमार पुत्र जय प्रकाश सिंह निवासी नीव दिलियान थाना डेहरी जनपद रोहतास, अनूप कुमार ठाकुर पुत्र वंशनारायण ठाकुर निवासी सुमेश्वर थाना बक्सर, सोमराज सिंह पुत्र चंद्रधरी सिंह निवासी डेहरी थाना डारमिया नगर जनपद रोहतास, प्रसन्नराज पुत्र विनोद कुमार सिंह निवासी नियर पाटलिपुत्रा फ्लैट नं-371 थाना ककड़बाग पटना, सिद्धार्थ कुमार खरे पुत्र सुभाष कुमार खरे निवासी रविनिकेतन आरा गार्डन थाना रूपसपुर पटना, गोल्डी सिंह पुत्र रमाशंकर सिंह निवासी डेहरी ओनसोन थाना डेहरी रोहतास शामिल हैं।

अष्टभुजा चौकी इंचार्ज सहित चार पुलिस कर्मी निलंबित

मीरजापुर: पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने अष्टभुजा चौकी इंचार्ज सहित चार पुलिस कर्मियों को सोमवार को निलंबित कर दिया। अष्टभुजा के पहाड़ पर दर्शनार्थियों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा संयुक्त रूप से खाना बनाया जाता है तथा भारी मात्रा में शराब आदि का सेवन भी करते हैं। ऐसी स्थिति में वहां काफी दिनों से नियुक्त स्टाफ को यह चाहिए था कि चौकी क्षेत्र में भ्रमणशील रह कर दर्शनार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें एवं मादक पदार्थ का सेवन करने वाले दर्शनार्थियों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए प्रतिकूल तथ्य पाने पर विधिक कार्यवाही करते, परंतु इनके क्षेत्र में भ्रमणशील न रहने कभी कोई बीट सूचना अंकित न कराने एवं मादक पदार्थ का सेवन करने वालों के विरुद्ध कभी भी विधिक कार्रवाई न करने के परिणाम स्वरूप उक्त जघन्य अपराध कारित होने के आरोप में पुलिस अधीक्षक ने चौकी इंचार्ज सहित अन्य पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। निलंबित होने वाले पुलिस कर्मियों में भरत लाल पाण्डेय चौकी प्रभारी अष्टभुजा। मुख्य आरक्षी संतोष कुमार थाना विंध्याचल, आरक्षी कर्ण सिंह विंध्याचल व आरक्षी सुनील सिंह यादव विंध्याचल शामिल है।

पसंद का गाना गाने का विरोध करने पर मार दी गोली

अष्टभुजा पुलिस चौकी के पीछे 14 अगस्त को बिहार के ब्रह्मपुर सहित अन्य स्थान से आए लोग खाना बना रहे थे। उस दौरान दस से बारह लोग वहां मौजूद थे। खाना बनाते समय सभी लोग शराब का सेवन करने लगे। इसी बीच गाना गाने वाली कुछ महिलाएं वहां आ ग। जिनको गाना सुनने के लिए बुला लिया गया। गाने का दौर शुरू हो गया। इसी बीच कन्हैया ने अपनी पसंद का गाना गाने के लिए महिलाओं से कहा। यह सुन वहां मौजूद कुछ लोगों ने कहा कि उनकी नहीं मेरी पंसद का गाना गाओ। बस इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव हो गया। कन्हैया ने कहा कि उसकी पंसद की गाना होगा। जबकि कुछ लोगों ने कहा कि उसकी पंसद का गाना नहीं गाया जाएगा तो वह उनको गोली मार देगा। बस इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ और गोली चल गई।

--------------------

पूर्व विधायक के समर्थकों पर युवक को मारने की आशंका

घटना के समय विधायक होटल में सो रहे थे

शराब के नशे में होने पर हुआ था विवाद

मीरजापुर : विंध्याचल के अष्टभुजा में 14 अगस्त को हुए गोलीकांड में बिहार के करारी आरा के एक पूर्व विधायक के कर्मियों द्वारा ही घटना को अंजाम दिए जाने की बात बताई जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि अष्टभुजा में कन्हैया निवासी ब्रह्मपुर को गोली मारने वाले लोग विधायक के समर्थक हैं जो घटना के बाद विधायक की गाड़ी सहित एक स्कॉर्पियो लेकर भागे थे। हालांकि पुलिस ने तीनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है।

इस संबंध में बताया जा रहा है कि भोला बाबा, कन्हैया ,काशी यादव सहित 12 लोग 14 अगस्त को अष्टभुजा में खाना बनाने बना रहे थे। इसमें एक पूर्व विधायक के कर्मचारी भी शामिल थे। सभी के बीच पहले शराब का दौर चला। इसके बाद गाना शुरू हो गया। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई तभी विधायक के कार्यकर्ताओं की ओर से पिस्टल निकालकर कन्हैया को गोली मार दी गई । हवाई फायरिंग भी की गई, जिससे लोग इधर-उधर भागने लगे। गोली का आवाज सुनते ही आसपास के लोग जब दौड़े तो सभी छह आरोपित पूर्व विधायक की गाड़ी सहित स्कॉर्पियो से भागने लगे जिसको पुलिस ने विंध्याचल व चील्ह इलाके में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि घटना में पूर्व विधायक के विरुद्ध तहरीर न देने के कारण उनका नाम मुकदमे में नहीं लिखा गया है, लेकिन उनकी गाड़ी शामिल होने पर पुलिस ने उसे कब्जे में ले ली है।

Edited By: Jagran