संवाद सहयोगी, सुल्तानपुर लोधी : पर्यावरण के लिए राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने प्रवासी पंजाबी दिलबाग बंगा द्वारा 50 एकड़ में फलदार, छायादार व औषधीय पौधे लगाने का कार्य शुरू किया है। फगवाड़ा तहसील के बिशनपुर गांव में बागवानी विभाग के सहयोग से बड़े पैमाने पर उद्यानों में पौधे लगाए जा रहे हैं। जर्मनी से आए दिलबाग बंगा ने कहा कि पहले चरण के दौरान वीरवार को चार एकड़ किन्नू उद्यान शुरू किया गया है, इस महीने में 50 एकड़ को फलदार वृक्षों और विरासत के तहत लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले पंडोरी, जेजो और खलवाड़ा गांवों में 50 एकड़ भूमि में फलदार, छायादार व औषधीय पौधे लगाए जा चुके हैं। जिसमें आम, किन्नू, अमरूद, शहतूत, आंवला, तुन, तहली, पीपल, बरगद और जामुन शामिल हैं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल ने इस अवसर पर एकत्रित हुए किसानों को गेहूं और धान की फसली चक्र से बाहर निकलकर बागवानी की ओर लौटने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के भूमिगत जल को बचाने में किसान बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि किसान प्रकृति के सबसे करीब रहते हैं और उनकी फसल प्रकृति पर निर्भर करती है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण नष्ट हुई फसलों के नुकसान को झेलने के बाद भी किसान डंपिंग के बजाय बड़ी हिम्मत के साथ आगामी फसल की तैयारी करता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने किसान को भगवान जैसा बनाया है।

इस अवसर पर उद्यान विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी हरविदर सिंह ने कहा कि अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, जालंधर और कपूरथला जिलों में नाशपाती के बाग लगाने का चलन बढ़ रहा है। एक एकड़ में लगाया गया नाशपाती का बाग आसानी से दो से ढाई लाख की आय प्राप्त करता है। इससे जहां कहीं पानी की बचत होती है वहां धान और गेहूं को फसल चक्र से भी हटाया जा सकता है। उन्होंने विभाग द्वारा किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी की विस्तृत जानकारी दी।

इस मौके पर निगम कमेटी के चेयरमैन सेवानिवृत्त जस्टिस जसबीर सिंह, बाबा अमरीक सिंह, पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव संबोद अग्रवाल, किसान नेता एसएस ढिल्लों, डीएफओ कपूरथला दविदरपाल सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी कपूरथला डा. बलबीर चंद, सहायक संचालक बागवानी होशियारपुर डा. बलविदर सिंह सहित कई अन्य सज्जन उपस्थित थे।

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