'चंडीगढ़ का सांसद बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया'; मनीष तिवारी पर बरसे टंडन, इस्तीफे की मांग रखी
भाजपा नेता संजय टंडन ने सांसद मनीष तिवारी के इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि कांग्रेस-आप गठबंधन ...और पढ़ें

भाजपा नेता संजय टंडन ने सांसद मनीष तिवारी पर जड़े आरोप।
HighLights
भाजपा नेता संजय टंडन की सांसद तिवारी को लेकर बयानबाजी।
कांग्रेस-आप गठबंधन टूटने पर नैतिक अधिकार खोने का आरोप।
तिवारी ने गठबंधन के तहत ही लोकसभा चुनाव जीता था।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। भाजपा नेता संजय टंडन ने कहा है कि सांसद मनीष तिवारी ने संसद सदस्य (एमपी) के तौर पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है। ऐसा कांग्रेस-आम आदमी पार्टी (आप) गठबंधन के टूटने के बाद हुआ है, जिसके तहत उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा था और जीता था।
टंडन ने कहा कि चंडीगढ़ की जनता ने संसदीय चुनावों के दौरान कांग्रेस और आप द्वारा पेश किए गए एक संयुक्त राजनीतिक मंच के लिए वोट दिया था। हालांकि, इस साल की शुरुआत में हुए मेयर चुनाव में कांग्रेस और आप दोनों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा।
उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां राजनीतिक रूप से अलग हो चुकी हैं और कई राज्यों में खुले तौर पर एक-दूसरे पर हमला कर रही हैं। टंडन ने आगे कहा कि हाल ही में हुए पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों में भी आप और कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा।
टंडन ने कहा कि दोनों के बीच का अलगाव अब पक्का है और इसे बदलना असंभव है। इससे उस आधार की ही समाप्ति हो जाती है, जिस पर चंडीगढ़ के मतदाताओं से जनादेश मांगा गया था।
टंडन ने कहा कि मनीष तिवारी ने चुनाव केवल कांग्रेस पार्टी की ताकत पर नहीं लड़ा था, बल्कि उन्हें गठबंधन की व्यवस्था और आप कार्यकर्ताओं तथा मतदाताओं से मिले समर्थन का सीधा लाभ मिला था।
