महानदी में बाढ़ का खतरा बरकरार, बरगढ़ में घुसा पानी

संवाद सूत्र, संबलपुर/ भुवनेश्वर : जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता विजय मिश्रा ने बताया है कि हीराकुद बांध के ऊपरी और निचले इलाकों में वर्षा का सिलसिला जारी है। वर्षा जारी रहती है तो फिर महानदी का जलस्तर भी बढ़ेगा और फिर महानदी में भी बाढ़ की संभावना भी उत्पन्न हो सकती है। लगातार हो रही वर्षा के कारण बंशधारा नदी, बैतरणी नदी और जलका नदी खतरे के निशान के ऊपर प्रवाहित हो रही हैं। वहीं, हीराकुद जलभंडार के 34 गेट खोले जाने के बाद निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। वर्षा की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है और स्थिति पर पैनी नजर रखने को निर्देश जारी किए गए हैं।

जल संसाधन विभाग के अभियंता विजय मिश्रा ने कहा कि रविवार की शाम छह बजे तक हीराकुद बांध के जलभंडार का जलस्तर 617.33 फुट रिकार्ड किया गया। इस दौरान बांध के जलभंडार में प्रति सेकेंड 7 लाख 35 हजार 187 घनफुट पानी प्रवेश कर रहा था, जबकि बांध के 34 स्लुइस गेट से महानदी में प्रति सेकेंड 5 लाख 63 हजार 573 घनफुट पानी छोड़ा जा रहा था। बांध के 34 स्लुइस गेट से निकलते बाढ़ के पानी से संबलपुर से सोनपुर जिला के बीच स्थित मालती गुंडेरपुर ब्रिज और बिनिका में महानदी ब्रिज खतरे के निशान पर चल रहा है। फिलहाल कहीं से भी नदी तटबंध टूटने की खबर नहीं है। स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। तटबंध 18 स्थानों पर कमजोर था। इसकी मरम्मत करा दी गई है। फिर भी इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 21 अगस्त तक हम हीराकुद में 622 फीट तक पानी रख सकते हैं। हीराकुद जल भंडार से 34 गेट के जरिए निष्कासित किए जा रहे बाढ़ के पानी के कारण निचले इलाके में बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी कर दी गई है। कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। बरगढ़ जिले के अंबाभोना प्रखंड के चिखिली, अंथाड़ी, घुघुरापाली, बारंगकोट और बेनियापाली गांव बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। ये सभी गांव जलमग्न हो गए हैं। घर में पानी घुस गया है। इन गांवों की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि भी जलमग्न हो गई है। गांव जलमग्न होने के कारण ग्रामीण अपने पशुओं को बाढ़ आश्रय स्थलों में ले जा रहे हैं।

बाढ़ से मुकाबला के लिए ओड्राफ, एनडीआरएफ एवं दमकल वाहिनी सतर्क

: एसआरसी प्रदीप जेना ने कहा है कि महानदी के जलस्तर बढ़ने के कारण केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी और खुर्दा के कुछ हिस्से बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अपने वरिष्ठ मुख्य अभियंता और वरिष्ठ अभियंताओं को इन जिलों में भेज दिया है। वे वहां नदी तटों की निगरानी करेंगे और उचित कदम उठाएंगे। इसके साथ ही ओडीआरएएफ की 7 टीमें, एनडीआरएफ की 3 टीमें और दमकल की 12 गाड़ियां तैनात करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय अभी के लिए किया गया है। जरूरत पड़ने पर और टीमों को तैनात किया जाएगा।

Edited By: Jagran