मेरठ, जागरण संवाददाता। heart attack in gym हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव जिम में ट्रेड मिल पर दौड़ते हुए बेहोश हो गए, उन्‍हें हार्ट अटैक आया है। इससे पहले जिम में घंटों पसीना बहाने वाले अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला, सिंगर केके और दक्षिण भारतीय फिल्मों में स्टार पुनीथ की जान जा चुकी है। एक्सरसाइज से हार्ट अटैक के लिंक पर सवाल खड़े हुए हैं।

हार्ट अटैक का खतरा

डाक्टरों का कहना है कि शरीर की अनुकूलन क्षमता को नजरंदाज करते हुए ज्यादा परिश्रम से हार्ट की धमनी की लाइनिंग यानी इंडोथीनिलयम रप्चर होने से हार्ट अटैक का खतरा है। मेडिकल कालेज के फिजीशियन डा. अरविंद का कहना है कि जिम में दिन रात मेहनत करने की ललक जान ले रही है। ट्रेड मिल पर देर तक भागने से कई बार पसीना ज्यादा निकल जाता है। शरीर में पानी कम होने से प्लेटलेट एक्टिव होकर धमनी में थक्का बना सकती है, जो हार्ट अटैक का कारण है।

युवा भी बीमारी के घेरे में

कार्डियोलोजिस्ट डा. संजीव सक्सेना ने बताया कि जिम में ओवरएक्सरसाइज वाले 22 से 25 साल के जवान लड़के भी दिल की बीमारी से घिर रहे हैं। ज्यादा कड़ी मेहनत से एनारोबिक थ्रेसहोल्ड यानी शरीर में आक्सीजन की कमी भी अटैक की वजह बनी। साथ ही ऐसे में हार्ट अटैक को ट्रिगर करने वाले कई फैक्टर एक साथ एक्टिव हो जाते हैं।

  • ये सावधानियों बरतें

  • हार्ट को एक्सरसाइज का सिर्फ 25 प्रतिशत फायदा मिलता है, बाकी अन्य परिश्रम बेकार जाता है।
  • 30-40 मिनट ही एक्सरसाइज करें। तनावमुक्त रहें और जिम में ज्यादा वजन कतई न उठाएं।
  • पसीना निकल रहा है तो पानी पीते रहें, अन्यथा प्लेटलेट गाढ़ा होकर अटैक का खतरा बन सकता है।
  • 45 साल से ज्यादा उम्र है तो जिम से पहले बीपी, पल्स नाप लें। परिवार में बीमारी की हिस्ट्री हो तो स्क्रीनिंग करवाएं।
  • वसायुक्त खानपान से दूर रहें। धूमपान एवं एल्कोहल भी दिल की बीमारी बढ़ाते हैं।
  • छाती में दर्द, भारीपन, गले व जबड़े में जकड़न, गैस न छाती में जलन भी अटैक के लक्षण हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

किसी घटना की पूरी हिस्ट्री जाने बिना निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं। हालांकि नेचर में शरीर में कूलेंट एवं एक्साइट्रेटरी हार्मोंस दिया है। अकस्मात ज्यादा एक्सरसाइज या परिश्रम से एक्साइट्रेटरी हार्मोंस रिलीज होकर बीपी बढ़ाता है। आर्टरी की अंदर की लाइनिंग उखड़ने से थक्का बनने व हार्ट अटैक का खतरा है। एक्सरसाइज धीरे-धीरे बढ़ाएं। प्राकृतिक स्रोत की प्रोटीन लें। हार्ट के मरीज हैं तो दवा नियमित रूप से लें।

- डा. राजीव अग्रवाल, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ

शुगर एवं कोलेस्ट्रोल की जांच नियमित रूप से कराएं। ओवरएक्सरसाइज से जवान भी हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं। खासकर, ज्यादा वजन उठाने वालों की आर्टरी की धमनी रप्चर होने से अटैक के केस बढ़े हैं। कई बार शरीर की आक्सीजन की मांग बढ़ती है, जबकि आपूर्ति इतनी नहीं हो पाती। यह भी खतरनाक है। तनाव, कोलेस्ट्रेाल, धूमपान, एल्कोहल, मोटापा व शुगर नियंत्रित रखें।

- डा. संजीव सक्सेना, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ 

Edited By: Prem Dutt Bhatt