अमन देवगण, अजनाला, अमृतसर :

बीते दिन दरिया रावी में आई बाढ़ के बाद वीरवार को जलस्तर कम होने के बाद आसपास के गांव के लोगों व प्रशासनिक अधिकारियों ने रहात की सांस ली। वही दो दिन से राहत काम में जुटे सेना की छह-आठ गोरखा राइफल रेजीमेंट के जवानों की ओर से सीमावर्ती गांव दोनेवाला को जाती सड़क जो दरिया के बहाव में बह गई थी पर बांध बना दिया। गौरतलब है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश के चलते मंगलवार देर रात भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बहते रावी दरिया में बाढ़ आ गई थी जिसके चलते सीमावर्ती गांव दोनेवाल को जाती सड़क दरिया के तेज बहाव में बह गई थी। आज दरिया रावी का बहाव कम होने के साथ ही सेना के जवानों की ओर से टूटी सड़क पर सबसे पहले मिट्टी की बोरियां लगा कर बांध बनाने का काम शुरू कर दिया गया।

मनरेगा मजदूरों द्वारा भरी गई मिट्टी की बोरियों को आर्मी जवानों की ओर से कड़ी मशक्कत के साथ दरिया की भेंट चढ़ी सड़क पर बांध बनाया गया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम अजनाला अमनप्रीत सिंह, तहसीलदार बीरकरण सिंह, नायब तहसीलदार राजप्रीतपाल सिंह आदि के नेतृत्व में दरिया में बही सड़क को अस्थायी तौर पर बनाने का काम किया गया। जेसीबी मशीन लगा पहले मिट्टी में भरी बोरियों के बांध पर मजबूती के लिए भारी भरकम पत्थर लगाए गए ताकि जो पानी का बहाव इस बांध को तोड़ न पाए। इसके बाद जेसीबी से मिट्टी डाल कर सड़क का रास्ता जोड़ गांव दोनेवाल का लिक जोड़ दिया गया। अभी वाहन नहंी गुजर सकेंगे

प्रशासन की ओर से भले ही दरिया रावी की भेंट चढ़ी गांव दोनेवाल की सड़क पर बांध बना दिया हो लेकिन यह रास्ता अभी सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए ही होगा। यहां से ट्रैक्टर ट्राली व अन्य भारी वाहन नहीं गुजर पाएंगे।

स्थिति अब नियंत्रण में : एसडीएम

इस संबंध में एसडीएम अजनाला अमनप्रीत सिंह ने दैनिक जागरण को बताया कि दरिया रावी में पानी का बहाव कम होने से स्थिति अब कंट्रोल में है। फिलहाल अस्थायी तौर पर मिट्टी डाल कर रास्ता बना दिया गया है। पक्की सड़क बनाने के लिए सरकार को लिखा जाएगा। फिलहाल किसी प्रकार का जान माल का नुकसान नहीं हुआ है।

Edited By: Jagran