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रामपुर में सर्पदंश से पीड़ित युवक की मौत, जिला अस्पताल पर एंटी-वेनम इंजेक्शन न देने का आरोप

Published: Sun, 12 Jul 2026 10:33 PM (GMT+05:30)

रामपुर में सर्पदंश से पीड़ित युवक योगेंद्र की मौत हो गई। परिजनों ने जिला अस्पताल पर एंटी-वेनम न देने और ...और पढ़ें

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HighLights

  1. सर्पदंश पीड़ित को जिला अस्पताल में एंटी-वेनम नहीं मिला।

  2. लापरवाही के बाद युवक मेरठ रेफर, तीन दिन बाद हुई मौत।

  3. परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए, जांच की मांग।

जागरण संवाददाता, रामपुर। सर्पदंश से पीड़ित युवक की मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवक के स्वजन का आरोप है कि जिला अस्पताल में युवक को भर्ती किया गया, लेकिन कहने के बावजूद एंटी स्नेक वेनम नहीं दिया गया। चिकित्सक और स्टाफ यही कहते रहे कि युवक को सांप ने नहीं डसा है।

युवक को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत पर भर्ती कर इलाज किया जाता रहा। एक घंटे बाद युवक की जब हालत बिगड़ने लगी तो स्टाफ ने अपनी जान बचाने को युवक को हायर सेंटर रेफर कर दिया।

स्वजन युवक को मेरठ के सरदार बल्लभ भाई पटेल चिकित्सालय ले गए, जहां तीन दिन उपचार के बाद युवक की शनिवार को मौत हो गई। स्वजन पोस्टमार्टम कराकर शव घर ले आए। रविवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

यह है पूरा मामला

सर्पदंश से मौत का यह मामला सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के टिकटगंज गांव का है। गांव के 30 साल के योगेंद्र अपनी बोलेरो चलाते थे, जो जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में ठेके पर लगी थी। आठ जुलाई की रात गांव में घर से अलग घेर में सोते समय रात करीब तीन बजे उन्हें सांप ने डस लिया। वह सोते से उठ गए और फोन करके स्वजन को बुलाया। स्वजन उन्हें लेकर तुरंत जिला अस्पताल आए।

इमरजेंसी में रात में ही 3.50 बजे उन्हें भर्ती कर लिया। एक घंटा 10 मिनट बाद उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। स्वजन उन्हें तुरंत मेरठ ले गए और सुबह नौ बजे तक मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया।

युवक के पिता जगत सिंह का कहना है कि बेटे ने जब सांप द्वारा डसने की बात बताई थी, हमने तब से बिना समय गवाएं उसकी जान बचाने का प्रयास किया। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल वालों ने बेटे को एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन नहीं लगाया।

पूछने पर कह दिया कि सांप ने नहीं डसा है। पेट दर्द और उल्टी की दिक्कत है। ज्यादा जोर दिया तो कहने लगे कि इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। सरकारी अस्पताल की यह व्यवस्था जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

समय पर इंजेक्शन न मिलने पर बेटे के शरीर में जहर फैल गया। सांप डसने के एक घंटे से भी कम समय में अस्पताल पहुंच गए थे। वहां इंजेक्शन नहीं लगने पर मेरठ ले गए, जिसके कारण छह-सात घंटे बेकार हो गए और जहर शरीर में फैल गया।

मेरठ में शनिवार को बेटे की मौत हो गई। बेटा परिवार का सहारा था। उसकी मौत से परिवार में चीख पुकार मची है। उसकी पत्नी और पांच बच्चे (चार लड़की व एक लड़का) हैं।

उधर, इस घटना के संबंध में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. बीसी सक्सेना का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। रोजाना ही एक-दो मरीज सर्पदंश के आ रहे हैं। सभी को एंटी वेनम दिया जा रहा है। इस मामले में हो सकता है कि मरीज की स्थिति गंभीर रही हो, जिस पर उसे रेफर कर दिया गया। इसकी जानकारी कराएंगे। यदि स्टाफ की लापरवाही होगी तो कार्रवाई भी करेंगे।