जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में कांट्रैक्ट कर्मचारियों के अच्छे दिन आने वाले हैं। पीयू में दस वर्ष से अधिक समय से कांट्रैक्ट कर्मचारी के तौर पर सेवाएं पूरी करने वाले कर्मचारियों को तोहफा देने की तैयारी है। पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन इन अस्थायी कर्मचारियों को रेगुलर करने पर विचार कर रही है।

सूत्रों के अनुसार 13 अगस्त को पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडिकेट बैठक में कांट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने का मुद्दा सिंडिकेट सदस्यों की तरफ से उठाया गया, जिसमें कहा गया कि पंजाब यूनिवर्सिटी रेगुलराइजेशन पालिसी के तहत दस वर्ष के सेवाकाल पूरा करने वाले कर्मचारियों को रेगुलर किया जा सकता है। पीयू प्रशासन की ओर से बीते वर्षों में भी कांट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर किया जा चुका है। पीयू में इस समय बड़ी संख्या में कर्मचारी 15 से 20 वर्षों से कांट्रैक्ट पर हैं। इन कर्मचारियों को रेगुलर कर्मचारियों से काफी कम वेतन मिलता है, लेकिन वह काम रेगुलर कर्मचारियों की तरह ही करते हैं।

कर्मचारियों को स्थायी नौकरी दिए जाने का मामला कई बार पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट में भी उठ चुका है। बीते करीब दो वर्ष से पीयू सिंडिकेट के गठन नहीं होने के कारण कर्मचारियों का यह मुद्दा अधर में लटका हुआ था। अब नई सिंडिकेट गठन के बाद फिर से इस मामले को पीयू सीनेटर प्रो.मुकेश अरोड़ा ने प्रमुख्ता से उठाया है, जिसपर सिंडिकेट के अन्य सदस्यों ने भी सहमति दी है। मामले में जल्द ही पीयू प्रसासन की ओर से कमेटी गठित कर रेगुलराइजेशन नियमों को पूरा करने वाले कर्मचारियों को स्थायी करने का प्रस्ताव सिंडिकेट की अगली बैठक में लाया जाएगा।

कर्मचारियों की भारी कमी, 200 पदों पर होगी भर्ती 

पंजाब यूनिवर्सिटी में टीचिंग और नान टीचिंग दोनों ही पदों पर इस समय काफी कमी है। 2014 के बाद से पीयू में नान टीचिंग पदों पर कोई रेगुलर भर्ती नहीं हुई है। उधर हर महीने नान टीचिंग के 10 से 12 कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं। पीयू प्रशासन इस समय आउटसोर्स के जरिये ही सी और डी ग्रुप के कर्मचारियों से काम चला रही है। पीयू के कई नान टीचिंग विभाग काफी संवेदनशील होते हैं, जिसमें सीक्रेसी और परीक्षा नियंत्रक से जुड़े विभाग शामिल हैं। ऐसे में पीयू को इन विभागों में रेगुलर कर्मचारियों की ही जरुरत होती है। पीयू प्रशासन की ओर से केंद्र सरकार को 200 नान टीचिंग कर्मचारियों की तुरंत भरती का प्रपोजल भेजा हुआ है। उम्मीद है अगले एक दो महीनों में भरती की अनुमति के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन नान टीचिंग पदों को भी भरने की कवायद शुरू कर दे।

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"पीयू में काफी कर्मचारी लंबे समय से कांट्रेक्ट पर काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों को रेगुलर किए जाने का मुद्गदा सिंडिकेट में उठाया गया है। पीयू प्रशासन की ओर से मामले में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

                                                             -प्रो.मुकेश अरोड़ा, वरिष्ठ सीनेटर ,पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़

Edited By: Ankesh Thakur