लखीमपुर, जागरण संवाददाता। राकेश टिकैत के संगठन भारतीय किसान यूनियन समेत 31 संगठनों की अगुवाई में संयुक्त किसान मोर्चा का महापड़ाव राजापुर मंडी में शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में किसान मार्च करते हुए राजापुर मंडी पहुंच रहे हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी समेत तमाम मांगों को लेकर लामबंद हुए किसानों का 75 घंटे लगातार यह धरना राजापुर मंडी में शुरू हो चुका है। भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट का दावा है कि यह धरना 18 से 21 अगस्त तक लगातार चलेगा। इसमें 31 किसान संगठन हिस्सा ले रहे हैं। पूरे देश से मंच पर नामी-गिरामी किसान नेता, सामाजिक संगठन व सामाजिक कार्यकर्ता पहुंच चुके हैं।

उधर, महा पड़ाव को लेकर पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पीएसी व आरएएफ भी मंगा ली गई है। पीएसी के साथ-साथ पुलिस के अधिकारी भी तैनात होंगे। धरने की प्रमुख मांगे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी, खीरी कांड में जेल में बंद किसानों की रिहाई और एमएसपी की गारंटी होगी।

भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह संधू ने बताया कि दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में चार महीना पहले ही आंदोलन की रणनीति तैयार हो गई थी।

किसान मोर्चा अपनी मांगों को लेकर 18 से 21 अगस्त तक 75 घंटे का बेमियादी धरना देगा। इसमें किसान नेता राकेश टिकैत, दर्शनपाल सिंह, जोगिंदर सिंह उग्राहा जैसे बड़े किसान नेता शामिल होंगे। किसानों ने राजापुर कृषि मंडी में धरने का ऐलान किया है। मंगलवार को ही किसान संगठनों से जुड़े नेता राजापुर मंडी पहुंचे और धरने को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि धरना तीन दिनों तक चलेगा। जिसमें 31 किसान संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे।

एएसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीएसी, आरएफ और अतिरिक्त फोर्स मांगा गया था। जिसमें जिले को एक कंपनी और दो प्लाटून मिल गई है। पीएसी के जवानों ने मंगलवार को ही जिले में डेरा डाल दिया। 18 अगस्त को उनको मंडी परिसर में तैनात किया जाएगा। इसके अलावा पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी भी तैनात होंगे। ताकि शांतिपूर्ण तरीके से धरना समाप्त हो सके।

भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह संधू ने बताया कि दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में चार महीना पहले ही आंदोलन की रणनीति तैयार हो गई थी। किसान मोर्चा अपनी मांगों को लेकर 18 से 21 अगस्त तक 75 घंटे का बेमियादी धरना दे रहा है। इसमें किसान नेता राकेश टिकैत, दर्शनपाल सिंह, जोगिंदर सिंह उग्राहा जैसे बड़े किसान नेता शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि धरना तीन दिनों तक चलेगा। जिसमें 31 किसान संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे। जिला अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है सुरक्षा की दृष्टि से सारी तैयारियां पूरी की गई हैं प्रदर्शनकारियों से वार्ता भी की जा रही है जल्दी ही मामले का कुछ हल अवश्य निकाला जाएगा

यह हैं प्रमुख मांगे

  • खीरी कांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए और उन पर मुकदमा चले।
  • खीरी हत्याकांड में जो किसान जेल में बंद हैं, उनको रिहा किया जाए।
  • सभी फसलों की एमएसपी की गारंटी और सभी फसलों की बिकवाली एमएसपी के ऊपर होने की गारंटी करने वाला कानून सरकार बनाएं।
  • किसान आन्दोलन के दौरान केन्द्र शासित प्रदेशों व अन्य राज्यों में जो केस किसानों के ऊपर लाद दिए गए थे वो तुरंत वापस लिए जाएं।
  • बिजली बिल 2022 वापस लिया जाए।
  • उत्तर प्रदेश की खंड मिलों की तरफ जो किसानों की बकाया राशि है वो तुरंत जारी की जाए।
  • वर्षों से जंगल के करीब बसे किसानों को जमीन से बेदखल करने के नोटिस देने बंद किए जाएं।

Edited By: Vrinda Srivastava