जागरण टीम, मुंगेर : अंग प्रदेश की लोकगाथाओं पर आधारित बिहुला विषहरी मेला में गुरुवार को जिला मुख्यालय सहित प्रखंड से गांव तक लोग उमड़ पड़े। जिला मुख्यालय के बड़ी बाजार में इस मौके पर बनाई गई आकर्षक झांकियों के बीच लोगों ने मेले का लुफ्त उठाया। मनसरी तल्ले स्थित पुरानी विषहरी मंदिर में श्रद्धालु पूजा अर्चना को उमडे। मकसुसपुर, गुलजार पोखर सहित अलग अलग जगहों पर बिहुला विषहरी की प्रतिमा स्थापित किया गया है। मेला में विधि व्यवस्था व ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर पुलिस भी सजग दिखी।असरगंज के विक्रमपुर व न्यू बिहुला विषहरी स्थान में भव्य प्रतिमा स्थापित की गई। श्रद्धालुओं ने विषहरी माता की पूजा-अर्चना कर डलिया चढ़ाया। पंडित कमलाकांत ने पूजा की लोक गाथाओं की जानकारी देते हुए बताया कि बाला लाखेंद्र व बिहुला का विवाह समारोह मनाया गया। पूजा स्थल पर भव्य पंडाल बनाए गए। वहां मेले में मिठाई , चाट , पकौड़े , खिलौने कठ घोड़वा सहित मनोरजंन व खाने पीने की दुकानें सजी थी। पूर्व जिला परिषद सदस्य अनल वैध, मुखिया ज्योति वैध , चंदर वैध , सेवक चौधरी , विपिन यादव संजय बिद , राजेश यादव सुधांशु नायक , सुबोध वैध , रतन वैध सहित अन्य स्वंय सेवकों ने मेला संचालन में सहयोग दिया।बरियारपुर प्रखंड के बाजार,नया छावनी,वंगाली टोला में बिहुला विषहरी पूजा को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। वंगाली टोला में सबसे अधिक भीड़ देखी गई। इस मौके पर बंगाली टोला में तीन दिनों तक मेला का आयोजन किया गया है। समिति के अध्यक्ष ने बताया लगातार तीनों दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जा रहा है। मेला संचालन के लिए स्वयंसेवक लगे थे। विधि व्यवस्था के लिए पुलिस बलों की भी प्रतिनियुक्ति की गई थी। तारापुर प्रखंड के राजगुरु, पुरानी बाजार ,गांधीनगर काजीचक ,मिल्की सहित अन्य क्षेत्रों में विषहरी पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। देवगांव में प्रतिमा स्थापित कर श्रद्धालुओं ने उपवास रखा। संध्या मंजूसा, डाला में फल, धान का लाबा-दूध सहित अन्य पूजा समाग्री के साथ विषहरी मंदिर पहुंचे। दूध-लावा चढ़ा विषहरी माता की पूजा अर्चना की । देर रात विषहरी मंदिर परिसरों में बिहुला बालालाखेंद्र विवाह समारोह हुआ। परंपरागत बारात निकाली गई। शादी की रस्म अदायगी हुई। अहले सुबह सर्प दंश का विधान हुआ। इस देखने को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में लगी रही।

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