जागरण संवाददाता, पटना। बिहटा के अमनाबाद में बालू माफिया के बीच अंधाधुंध फायरिंग में मारे गए दो लोगों का शव शनिवार को पीरबहोर थाना क्षेत्र के एनआईटी घाट के सामने गंगा नदी में मिले। दोनों की पहचान मनेर के ब्यापुर निवासी 45 वर्षीय लालदव राय और नालंदा के कराय-परशुराय के ग्वालबिगहा निवासी 47 वर्षीय मुकेश सिंह उर्फ ललेद्र सिंह के रूप में की गयी है। एसएसपी डा. मानवजीत सिंह ढिल्लों ने शव की शिनाख्त की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों के पीठ में रायफल की एक-एक गोली लगी थी।

एनआईटी घाट पर दो लाशों के मिलने के बाद शत्रुध्न के परिजन भी शवों की शिनाख्त करने गए थे। वहीं इस वारदात में एक का शव पहले मिल चुका है। जबकि तीन लोगों के लापता होने की बात सामने आई थी। मामले में अभी भी मनेर में रहने वाले शत्रुध्न राय लापता हैं।

एनआइटी घाट से मिला था दोनों का शव

गांधी घाट के सामने नदी में दोनों शवों को मनोहर नाम के युवक ने देखा था। इसके बाद वहां भीड़ जुट गई। इसके बाद में पुलिस को सूचना मिली। दोनों शवों को पानी से बाहर निकलवाया गया। दोनों शव को एक साथ नाव की रस्सी से बंधी गई थी। रस्सी में नाव को किनारे बांधने वाला लोहा भी था। नाव की रस्सी से शवों के बंधे होने की बात सामने आने के बाद इसका कनेक्शन बिहटा के अमनाबाद में बालू माफियाओं के बीच हुई गोलीबारी से जोड़कर देखा जा रहा था।

मर्डर के बाद लोहे से बांधकर शव को गंगा में फेंका

सूत्रों की मानें लालदेव और मुकेश की हत्या के बाद बालू माफिया ने लाशों को सोन नद में फेंक दिया जो गंगा में बहकर पटना तक पहुंच गयी।  पुलिस अब कयास लगाए रही है फायरिंग में और मौत हो सकती है। पुलिस को शक है कि शवों बालू माफिया ने या तो गंगा में फेंक दिया या फिर बालू में दबा दिए। जिस तरह बालू माफिया गोली मारने के बाद सबूत छिपाने के लिए दोनों शवों को रस्सी और नाव बांधने वाले भारी लोहे से बांधकर उसे गंगा में फेंक दिया, इनसे पुलिस अब नदी में किनारे इलाकों में नजर रख रही है।

Edited By: Rahul Kumar

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