जागरण संवाददाता, करनाल : वाट्सअप के जरिए ट्रांसपोर्टरों व ओवरलोड वाहन चालकों को ट्रांस्पोर्ट विभाग की छापेमार टीम की लोकेशन देने के चारों आरोपित अदालत में पेश किए गए, जहां से उन्हें चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान उनसे बड़ा राज खुल सकता है, जिसके बाद पुलिस अगली कार्रवाई करेगी।

बता दें कि पुलिस टीम ने शुक्रवार को सूचना मिलने पर चार आरोपितों को नेशनल हईवे स्थित एक ढाबे के पीछे से दो गाड़ियों सहित गिरफ्त में लिया था। इमें शामिल जुबेर वासी गांव केरटु जिला शामली से 500 रुपये का नोट व मोबाइल बरामद किया गया, जिसकी जांच की तो राकिब नाम से सेव नंबर पर गाड़ियों की क्रासिग को लेकर चैटिग मिली। दूसरे आरोपित समीर उर्फ अकुंश वासी गांव चुलियाना जिला रोहतक से एक हजार रुपये और मोबाइल मिला। उसके मोबाइल में शर्मा जी हेल्पलाईन, तुंगनाथ महादेव, गोल्डी हेल्पलाईन व गोल्डी सोरा हेल्पलाईन ग्रुप थे, जिसमे आरटीए स्टाफ की गाडियों की चैकिग लोकेशन को लेकर चैटिग थी।

उत्तरप्रदेश नंबर की कार जुबेर वासी गांव केरटु जिला शामली की पाई गई। वहीं दूसरी कार से आरोपित साहिर वासी गांव केरटु जिला शामली से दो हजार रुपये व मोबाइल मिला, जिसमें एसटीसी, हसन, जी हेल्पलाईन, हैप्पी रोडलाइन, चौधरी गुडस कैरियर, प्रधान, डी पानीपत, चौधरी, आजाद परिदा, गोल्डी हेल्पलाईन टू, बिल्ला भाई, बाबा रोड लाईन, ट्रांसपोर, समाज सेवा, गुरु लाईव, ताल्ली, जय माता दी, हरियाणा रोडवेज, यमुनानगर, दादरी हेल्पलाईन, शामली यूनियन, ताल्ली, हिन्दुस्थान व हरियाणा वाटसअप ग्रुप थे। इसी मोबाइल में तुंगनाथ महादेव, बागपत के किग व दीपक केकेआर-टू के नाम से बिजनेस ग्रुप थे। एसटीसी , भाईचारा ग्रुप, हापुड किग व गाजियाबाद एक्सप्रेसवे ग्रुप भी मिले। सभी में आरटीए टीम की लोकेशन को लेकर चैटिग थी। इसी कार में आरोपित आजम गांव शेखपुरा जागीर से 2800 रुपये व मोबाइल मिला। इसकी जांच में शर्माजी हैल्पलाईन, तुंगनाथ महादेव , मोनू-भाई, इंकलाब जिन्दाबाद , हमारा अपना सिटी, हेल्पलाईन बागपत, हरियाणा एक्सप्रेस ग्रुप पाए गए। आरोपित ने फीस नाम से बने ग्रुप में लोकेशन भेजने को लेकर ली गई रकम का हिसाब लिखा था। यह कार साहिर चौधरी वासी केरटु जिला शामली के नाम पर मिली थी। पुलिस ने चारों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।

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