इस होटल में ठहरने वाले अमेरिकी छात्र की हुई मौत 

वैसे तो आजकल उत्तर कोरिया और अमेरिका की दोस्‍ती के चर्चे आम हैं और अब लोगों को वहां जाना शायद कुछ सहज लगने लगेगा पर पर कुछ दिन पहले ऐसा नहीं था। इसके बावजूद शायद लोग अब भी उत्‍तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के यंगाकडो होटल नाम के होटल में जाना शायद ही पसंद करेंगे। 2016 में इसी होटल में ठहरने वाले एक अमरीकी छात्र ऑटो वार्मबियर को हिरासत में लिया गया था। उस पर आरोप था कि उसने होटल की पांचवीं मंजिल से कोई पेंटिंग चुराई थी। बाद में उसे रिहा कर दिया गया और वो अमेरिका आ भी गया, पर उसकी हालत उसके बादसे कभी नहीं सुधरी और पहले वो कोमा में चला गया और अब उसकी मौत हो गई। उसके बाद से ही ये चर्चा गर्म है कि आखिर उस होटल का रहस्‍य क्‍या है और उसकी पांचवी मंजिल से क्‍यों आती है मौत की खुश्‍बू। 

कई पर्यटकों ने की है इसकी पुष्‍टि

ये सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्‍योंकि उत्तर कोरिया के इस सबसे बड़े होटल में ठहरने वाले कई नागरिक इस बात का दावा कर चुके हैं कि इस होटल और उसकी पांचवी मंजिल में कुछ तो अजीब है। जैसे एक एक अन्‍य अमरीकी नागरिक कैल्विन सन ने भी बताया कि जब वो उत्‍तर कोरिया घूमने गए थे तो गाइडस का व्‍यवहार से लेकर होटल के माहौल तक सब अजीब था। एक अजीब सा तनाव सब तरफ फैला हुआ था। पांचवी मंजिल पर जाने की इजाजत नहीं थी। यहां तक कि लिफ्ट में पांचवी मंजिल काबटन ही नदारत था हालांकि होटल में कुल 47 मंजिलें हैं, और इसे वहां की सबसे ऊंची इमारतों में गिना जाता है। वे छुप कर कुछ लोगों के साथ सीढ़ियों से पांचवी मंजिल पर गए। वहां का माहौल बेहद रहस्‍यमय था। इस मंजिल की छतें बहुत नीची थीं। ऐसा लग रहा था कि एक ही मंजिल को दो हिस्‍सों में बांट दिया गया हौ। वहां अमेरिका विरोधी पोस्‍टर भी लगे थे। इतना ही नहीं जब भी वे उस मंजिल पर गए किसी ना किसी ने उन्‍हें वहां से भगा दिया। डेली मेल के मुताबिक ऐसा ही कुछ अनुभव एक ब्रिटिश पर्यटक ने भी बताया कि इस मंजिल पर काफी कुछ डराने वाला है और अमेरिकी लोगों को दुश्‍मन बताते हुए हर पेंटिंग और पोस्टर में अमरीका से बदला लेने की बात लिखी हुई थी।

क्‍या हुआ था वॉर्मबियर के साथ 

डेली मेल की मानें तो ऑटो वॉर्मबियर एक प्राइवेट टूर ऑपरेटर की मदद से उत्तर कोरिया गए और यंगाकडो होटल में ठहरे थे। उन पर आरोप लगाया कि इसी दौरान ऑटो वॉर्मबियर ने होटल की पांचवीं मंजिल पर लगा एक पोस्टर उखाड़ा था, जिसकी वजह से उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन पर मुकदमा चला और 15 साल कैद की सजा सुनाई गई। वार्मबियर को प्रेस कांफ्रेंस में इकबाले जुर्म करते भी दिखाया गया। कहा जा रहा है कि पूछताछ के दौरान उन्हें टॉर्चर भी किया गया था। बाद में उन्‍हें मानवीय आधार पर बरी कर दिया गया और अमरीका लौटने के बाद वो कोमा में चले गए, फिर उनकी मौत हो गई। एक सीसीटीवी फुटेज मे वार्मबियर को होटल की पांचवीं मंजिल पर टहलते हुए दिखाया गया था। जबकि कोई मानता ही नहीं कि यंगाकडो होटल में पांचवीं मंजिल भी है। 

 

Posted By: Molly Seth