अंटार्टिका से आये पानी से दूर होगी पानी की किल्‍लत 

यूनाइटेड अरब अमीरात यानि यूएई में पानी की काफी दिक्‍कत रहती है। ऐसे में वहां एक स्‍थानीय फर्म ने इस किल्‍लत को दूर करने का बीड़ा उठाया है। उसने यूएई आईसबर्ग प्रोजेक्‍ट से जुड़ी एक वेबसाइट लॉन्‍च की है। इसके जरिए पर्यावरण और अर्थव्‍यवस्‍था में होने वाले परिर्वतनों और फायदों के बारे में तो बताया ही जाएगा साथ ही पानी से जुड़ी समस्‍याओं और उसके समाधानों की बात होगी। वहीं यूएई के नेशनल एडवाइजर ब्‍यूरो लिमिटेड की ओर से एक ऐसी योजना के बारे में बताया गया है जो अं‍टार्कटिक में मौजूद हिम खंडों को देश के समुद्री किनारों पर लाने के बारेमें है। कहा जा रहा है 2020 के शुरूआती तीन महीनों में इनको यहां पहुंचा दिया जायेगा, जिससे पीने के पानी की समस्‍या काफी हद तक दूर हो सकेगी। 

मंहगा है प्रोजेक्‍ट 

समाचार एजेंसी रायटर के अनुसार योजना से जुड़े लोगों का कहना है कि ये एक महंगा कार्यक्रम है। इस योजना में अंटार्कटिक से पीने के पानी की व्‍यवस्‍था करने की लागत करीब 50 से 60 मिलियन डॉलर के बीच आयेगी। यह योजना 2019 के मध्‍य से शुरू होने की संभावना है। पहले ऑस्‍ट्रेलिया के पर्थ या साउथ अफ्रीका के केपटाउन से इसे प्रारंभ किया जा सकता है। योजना को यूएई की कंपनी वैम ने तैयार किया है, और वो इसके लिए एक खास तकनीक विकसित कर रही है, ताकि खर्च को कम किया जा सके। ये भी सुनिश्‍चित किया जायेगा कि आइसबर्ग को लाते समय वह रास्‍ते में ही पिघले नहीं। इस तकनीक के सफल होने पर यूएई के लोगों कम कीमत पर पीने का साफ पानी उपलब्‍ध कराया जा सकेगा।

 

Posted By: Molly Seth