हजारों की भीड़ में करोड़ों की चोरी 

पिछले दिनों स्वीडन में चोरी की एक अजीबो गरीब घटना हुर्इ  जब चोर कर्इ लोगों की मौजूदगी में अपना काम करके नौ दो ग्यारह हो गए। विभिन्न समाचार एजेंसियों आैर द टैलिग्राफ में छपी खबरों की मानें तो स्वीडन के एक छोटे से कस्बे के स्ट्रैंगनस नाम के कैथड्रेल में रखे करोड़ों के ऐतिहासिक और मूल्यवान जेवर दो चोरों ने चुरा लिए आैर वहां से भाग गए। चोरी को बेहद चालाकी से अंजाम दिया गया। खास बात ये रही कि चोरी के बाद दोनों चोर पानी के रास्ते एक स्पीड मोटरबोट पर भागे। सबसे महत्वपूर्ण बात ये थी इन चोरों ने जब अपना काम किया उस दौरान काफी तादात में लोग वहां मौजूद थे। 

जेवरों की हो रही थी प्रर्दशनी 

17वीं सदी के आसपास के बताये जा रहे इन आभूषणों को लोगों के देखने के लिए एक प्रदर्शनी में लगाया गया था। जिस वक्त चोरी हुई उस वक्त काफी दर्शक प्रदर्शनी देखने के लिए मौजूद थे, इस सबके बीच चोरों ने सुरक्षा ग्लास को तोड़ दिया और इन दुर्लभ आैर बहुमूल्य गहनों को चुरा लिया। बताया जा रहा है कि चोरी के दौरान सिक्यॉरिटी अलार्म ने काम नहीं कर रहा था, हालांकि इसकी वजह अभी पता नहीं चली है। चोरों ने सारे कारनामें को बेहद सफार्इ के साथ बहुत जल्दबाजी में अंजाम दिया और जेट स्कीज से भाग निकले। पूरी घटना में किसी को कोर्इ चोट नहीं लगी।  

दो मुकुट भी हैं शामिल 

चोरी की ये अभूतपूर्व घटना स्टॉकहोम से करीब 60 किमी दूर स्थित कैथड्रेल की बतार्इ जा रही है। स्थानीय पुलिस की माने तो चोरी गए सामान में दो राजमुकुट भी श्खमिल हैं। इनमें से एक किंग कार्ल फोर और दूसरा क्वीन क्रिस्टियाना का है। जहां राजा का मुकुट सोने से बना था और उसमें बहुमूल्य क्रिस्टल और मोती से सजावट की गई थी, रानी के मुकुट में भी महंगे पत्थर और मोती लगे थे पर उसकी कीमत राजा के मुकुट की तुलना में कम बतार्इ जा रही है। 

मुश्किल होगा बेचना 

चोरी हुए जेवरात के ऐतिहासिक महत्व को नजर में रखते हुए पुलिस का मानना है कि बेशक चोरी पैसे कमाने के लालच में की गर्इ है पर उसे देश में बेचना बेहद मुश्किल है।  सारा चुराया गया सामान राष्ट्रीय संपदा है इसलिए स्वीडन में उसका कोर्इ खरीददार मिलना लगभग असंभव है। स्वीडिश पुलिस राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के अनुसार इस बात की संभावना है की चोर जेवरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने की कोशिश करेंगे। इसीलिए उन्होंने इंटरपोल से संपर्क करके सूचित कर दिया ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामान बरामद करने के लिए ऑपरेशन चलाया जा सके। 

Posted By: Molly Seth