भेदभाव से बचने का तरीका 

दी इंडिपेंडेट की एक खबर के मुताबिक इंग्लैंड के करीब 40 सेकेंडरी स्‍कूलों में छात्राओं के स्कर्ट पहनने पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि लड़कियों को स्‍कर्ट की जगह ट्राउजर्स पहनने के लिए कहा जायेगा। इसके पीछे के कारण का खुलासा करते हुए बतया जा रहा है कि अब पूरे ब्रिटेन के ज्यादातर स्कूल लैंगिक भेदभाव से परे यूनिफॉर्म नीति अपनाने के पक्ष में हैं। पता चला है कि पिछले दिनों इंग्‍लैंड में हुए एक यूनिफॉर्म नीति के विश्लेषण में पता लगा है कि इन 40 सेकेंडरी स्कूलों ने लड़कियों के स्कर्ट पहनने पर रोक लगा भी दी गई है जबकि कुछ और स्कूल भी इस बारे में सोच रहे हैं। इसके नयम को लागू करने पीछे स्कूल प्रशासन का तर्क है कि वे ट्रांसजेंडर लोगों की जरूरतों को भी ध्यान में रखना चाहते हैं इसलिए सभी को ट्राउजर पहनने के लिए कहा जा रहा है। 

लड़के और लड़की में भी भेद नहीं

साथ ही स्‍कूलों ने ये भी कहा है कि हमेशा ये सवाल उठाया जाता है बतौर छात्र लड़के और लड़की की यूनिफार्म अलग अलग क्‍यों होनी चाहिए। अब पेंट पहनने से ये भेद भी खत्‍म हो जायेगा। वैसे स्कूलों के इस प्रयास के पीछे ब्रिटेन की सरकार देश के जेंडर रिकग्निशन एक्ट में बदलाव पर हो रही चर्चा भी है। जिसके तहत सरकार ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों को स्पष्ट करने की तैयारी में जुटी है। 

कुछ और बातों का भी रखा जायेगा ध्‍यान

इस प्रयास को तब ज्‍यादा तेजी से स्‍वीकृती मिली जब पिछले वर्ष इंग्‍लेंड के ईस्ट ससेक्स के लेवेस में स्‍थित प्रॉयरी स्कूल ने अपने यहां स्कर्ट पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके अलावा वहां कोपलेस्टन हाई स्कूल ने भी स्कर्ट को अस्वीकार्य पोशाक की सूची में शामिल कर दिया है। इस सूची में कुछ अन्‍य पोशाकों और वस्‍तुओं को रखा गया है, जैसे शरीर से चिपकी हुई जींस और शरीर एवम् चेहरे पर पिर्यसिंग कराना। 

 

Posted By: Molly Seth