मशहूर हुई और बदनाम भी

कोई पेंटिंग इस कदर शापित कैसे हो सकती है कि जहां लगायी जाये वहां आग लग जाये और तबाही मचे, पर इस पेंटिंग के बारे में यही कहा गया। हालाकि इस पर विश्‍वास करना या ना करना आपके ऊपर है। हम ना तो किसी ऐसी बात को बढ़ावा दे रहे हैं ना इस पर विश्‍वास करके इन कहानियों के सच होने का दावा कर रहे हैं। हम तो आपको बस एक कहानी सुना रहे हैं। ये कहानी किसी मामूली चित्रकार की बनाई तस्‍वीर की नहीं बल्‍कि इटली के मशहूर चित्रकार जियोवनी ब्रागोलिन की बनाई पेंटिंग की है। रोते हुए एक बच्चे की पेंटिंग, जिसका नाम ही था द क्राईंग ब्‍वॉय, को 1985 में ब्रागोलिन ने बनाया था। उन्‍होंने ये अकेली पेंटिंग नहीं बनाई थी बल्‍की इसकी पूरी श्रंखला तैयार की थी। देखते ही देखते ये श्रंखला मशहूर हो गई और इस खास पेंटिंग की तो 50,000 तक प्रतियां बनाई गईं। शोहरत के बाद शुरू हुआ बदनामी का सिलसिला।  

हादसे दर हादसे 

लोगों ने इन पेंटिंग्स को बड़ी संख्‍या में खरीदा और अपने घरों की दीवारों पर सजाया, लेकिन फिर इन घरों में शुरू हुआ हादसों का सिलसिला। कुछ अखबारों की रिपोर्ट के अनुसार जिनमें से एक में तो एक अग्‍निशमन रक्षक का बयान भी शामिल किया गया। इस फायर फाइटर ने दावा किया कि वह करीब 15 घरों में आग लगने पर अपनी टीम के साथ गया। जिस भी घर में वे आग बुझाने जाते, वहां द क्राईंग ब्‍वॉय पेंटिंग मौजूद रहती थी। उसका ये भी कहना था कि घर का सारा सामान जल गया होता था लेकिन कहीं भी ये पेंटिंग नहीं जली। इस तरह की बातें सामने आने और लगातार इस तरह के हादसे होने की वजह से इस पेंटिंग को शापित माना जाने लगा। लोगों ने इस पेंटिग को घरों में रखना बंद कर दिया।

हैलोवीन बोन फायर में जला दीं

इतना ही नहीं एक अखबार के कहने पर हैलोवीन त्‍योहार के बोन फायर में सैंकड़ों की तादात में इस पेंटिंग की प्रतियां जला दी गईं। संयोग देखिए कि इसके बाद हादसों में भी कमी आने लगी। यानि लोगों ने मान लिया की पेंटिंग वाकई शापित थी और उसको घरों में ना लगाना ही ठीक है। हालाकि अब भी कुछ लोगों के पास ये पेंटिंग होगी और वे सुरक्षित भी हैं। 

 

Posted By: Molly Seth

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