बीमार पड़ गई थीं महारानी 

पिछले दिनों खबर आई थी कि इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय बीमार पड़ गई हैं। हांलाकि वो कोई गंभीर रूप से बीमार नहीं थी, परंतु 92 वर्ष की हो चुकी महारानी के स्‍वास्‍थ्‍य और जीवन को लेकर वहां पर सभी को चिंता रहती है। फिल्‍हाल उनके जीवन को कोई खतरा नहीं है और वे वापस से स्‍वस्‍थ और सक्रीय दिखाई पड़ रही हैं। बीमारी के चलते वो एक दिन के कार्यक्रम से दूर रही थीं, परंतु कुछ दिन बाद वे अन्‍य इवेंट्स में शामिल हुईं और सेहतमंद भी दिखीं। 

गुप्‍त रूप से शोक का अभ्‍यास

पिछले कुछ समय महारानी के स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर चिंता जाहिर की जाती रही है, लेकिन इस तरह से उनकी मृत्‍यु पर शोक व्‍यक्‍त करने के तरीकों का पूर्वाभ्‍यास करने की बात पहली बार सामने आई है। डेलीमेल की रिर्पोट के अनुसार मंत्रियों ने पहली बार गुप्त रूप से शोक मनाने का ये अभ्यास किया। इस अभ्‍यास में यह सुनिश्‍चित किया गया कि महारानी की मृत्यु पर 10 दिनों के राष्ट्रीय शोक मनाने का तरीका क्‍या होगा। इस रिहर्सल को कैसल डव नाम दिया गया। इस दौरान पहली बार राजनेताओं ने सिविल सर्वेंट के साथ बैठ कर शोक कार्यक्रमों से संबंधित नियमों पर चर्चा की।

निर्धारित हैं नियम 

वैसे इससे काफी पहले ही एक रिपोर्ट प्रकाशित हो चुकी जिसमें बताया गया था राजघराने में पहले से तय है कि महारानी की मृत्यु की होने पर क्या-क्या किया जाएगा। इसके अनुसार महारानी की मृत्यु पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री राष्‍ट्र के नाम संबोधन करके सूचना दे सकते हैं। इसके बाद पूरी राज परिषद नए राजा की घोषणा करने के लिए इकट्ठा होगी। इस से संबंधित बकिंघम पैलेस के गेट पर नोटिस चिपकाया जाएगा और एक नोटिस विश्‍व मीडिया और समाचार एजेंसियों को भेजा जाएगा। टीवी स्‍टेशन इस बारे में समाचार प्रसारित करेंगे और पहले से तैयार प्‍लेलिस्‍ट से उदास और शांतिपूर्ण गीत सुनाये जायेंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, महारानी की मृत्यु होने पर ब्रिटेन की जीडीपी पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। 

 

Posted By: Molly Seth