दही चोरी की जांच 

ताइवान में पुलिस के सामने दही चुराने वाले को पकड़ने का अनोखा मामला सामने आया। यहां एक महिला मेडिकल स्टूडेंट ने अपने फ्रिज से दही चोरी होने की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करार्इ। जिसके बाद पुलिस को दही चोर को पकड़ने के लिए फिंगरप्रिंटस से लेकर डीएनए जांच तक की यात्रा करनी पड़ी। खास बात ये है कि अगर चोरी हुए दही की कीमत आैर जांच पर हुए खर्च की तुलना की जाये तो दोनो में भारी अंतर है। इसके लिए पुलिस को आलोचना का भी सामना करना पड़ा। 

क्या है किस्सा 

ताइवान न्यूज में बताया गया है ताइपे स्थित चाइनीज कल्चर यूनिवर्सिटी में एक मेडिकल की छात्रा वहीं के एक स्टूडेंट्स होम में रहती थीं। एक दिन काॅलेज से लौट कर जब उसने फ्रिज खोला तो पाया कि उसकी योगर्ट की बोतल गायब है। जब उसने अपने साथ रहने वाली 5 अन्य स्टूडेंट्स से इस बारे में पूछा तो उन्होंने किसी भी जानकारी से इनकार कर दिया। इस के बाद उसे योगर्ट की खाली बोतल कूड़ेदान में पड़ी मिली। जिसके बाद नाराज महिला ने ताइपे पुलिस के पास मामला दर्ज कराया।

जांच पर बेतहाशा खर्च  

इसके बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू की आैर पहले तो बरामद की गर्इ बोतल पर से फिंगरप्रिंट ले कर उनकी जांच की पर कोर्इ जानकारी ना मिलने पर महिला के आग्रह पर आैर एडवांस जांच करने का निर्णय लिया। इसके बाद सभी लोगों की डीएनए जांच शुरू हुर्इ आैर चोर को पकड़ लिया गया। खास बात ये रही कि इस पूरे प्रकरण में डीएनए जांच पर करीब 18,000 न्यू ताइपे डाॅलर का खर्च आया जो भारतीय मुद्रा में 41535.90 रुपये होता है, जबकि चोरी हुए दही का मूल्य महज 59 न्यू ताइपे डाॅलर था जो भारतीय मुद्रा में 137 रुपये के बराबर है। इसके बाद से ही चोर पकड़ने में सफल होने के बाद भी स्थानीय पुलिस की आलोचना हो रही है। 

 

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