रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के बाद पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं कुष्ठ रोगी : सिविल सर्जन

संवाद सहयोगी, गढ़वा : राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कुष्ठ रोग के कारण हाथ व पैरों में दिव्यांगता वाले छह कुष्ठ रोगियों की रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी कराई जाएगी। इनमें मझिआंव की सुनीता देव, भंडरिया के मनीष कुमार पासवान, मेराल के छोटेलाल कुमार, पार्वती देवी व ललन राम तथा रंका के सुरेंद्र भुइयां शामिल हैं। इन रोगियों को सिविल सर्जन डा. कमलेश कुमार व जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डा. कौशल सहगल ने मंगलवार को रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के लिए टाटा स्पर्श सेंटर, जामाडोबा, धनबाद के लिए रवाना किया। मौके पर सिविल सर्जन डा. कमलेश कुमार ने कहा कि जिन कुष्ठ रोगियों के हाथ व पैर की दिव्यांगता आ गई है, उनको रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी द्वारा उनकी दिव्यांगता को ठीक किया जा सकता है। सर्जरी कराकर लौटने के बाद इनका फिजियोथैरेपी भी सदर अस्पताल में किया जाएगा। इनकी सर्जरी व फिजियोथेरेपी पूरी तरह से निश्शुल्क है।इसके बाद वे लोग अपने दैनिक कार्यों को आसानी से कर पाएंगे। मौके पर जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डा. कौशल सहगल ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य जल्दी से जल्दी कुष्ठ रोगी को खोज करने के साथ ही मल्टी ड्रग थेरेपी द्वारा इलाज भी कर देना है। जिससे कुष्ठ रोगी दिव्यांग ना बने तथा इस बीमारी के प्रसार को भी रोका जा सके। उन्होंने कहा कि जिन कुष्ठ रोगियों के पैरों में अल्सर, सूनापन है, उनके लिए एमसीआर चप्पल निशुल्क उपलब्ध है। कुष्ठरोगियों को धनबाद रवाना करने के मौके पर सदर अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट अभिषेक सिंह ने कहा कि सदर अस्पताल में प्रतिदिन दो-तीन कुष्ठ रोगियों की फिजियोथैरेपी की जा रही है। जिले के आठ कुष्ठ रोगियों को रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया था। इनमें से सात रोगियों का एसेसमेंट टाटा स्पर्श सेंटर के फिजियोथेरेपिस्ट संतोष सिंह ने किया। एसेसमेंट में छह कुष्ठ रोगियों को रिकंस्ट्रक्टिव आपरेशन के लायक पाया गया। इन्हीं छह रोगियों को सर्जरी के लिए टाटा स्पर्श सेंटर धनबाद भेजा गया है।

Edited By: Jagran