नई दिल्ली [संजय सलिल]। सुभाष प्लेस इलाके में निलंबित सरकारी जूनियर इंजीनियर ने काल सेंटर में लाखाें की लूट की न केवल साजिश रची बल्कि उसके साथियों ने वारदात को अंजाम भी दे दिया। लेकिन, स्पेशल स्टाफ पुलिस ने घटना के 72 घंटे के अंदर साजिशकर्ता समेत सात बदमाशों को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। गिरफ्तार आरोपितों में नूंह नगर परिषद् के अध्यक्ष संजय मनोचा भी शामिल है। बदमाशाें ने खुद को मुबंई पुलिस में तैनात बताकर फिल्म स्पेशल 26 की तर्ज पर लूट की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने उनके पास से साढे़ चार लाख, 25 मोबाइल फोन, लैपटाप, सिम कार्ड, फर्जी एटीएम कार्ड आदि बरामद किया है।

उत्तर पश्चिम जिले की डीसीपी उषा रंगनानी ने बताया कि काल सेंटर चलाने वाले विजय यादव 10 अगस्त को कर्मियों के साथ आफिस में मौजूद थे। करीब साढ़े 12 बजे एक युवती समेत चार लोग अचानक आए। सभी के गले में मुंबई पुलिस का पहचान पत्र लटका था उन्होंने खुद को मुंबई पुलिस कर्मी बताया और छापेमारी की बात कहते हुए पीड़ित के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे पीड़ित घबरा गए।

इसके बाद चारों ने रिवाल्वार दिखाकर विजय से अपनी पत्नी को फोन कराया और गिरफ्तारी से बचने के लिए रुपये का प्रबंध करने को कहा। ऐसे में उनकी पत्नी पौने छह लाख रुपये लेकर पहुंची ताे युवती ने बाहर से ही रुपये लेकर उन्हें चलता कर दिया और फिर कार्यालय में रखे 45 हजार, दस मोबाइल फाेन, लैपटाप आदि लूटकर भाग गए। पीड़ित की सूचना पर प्राथमिकी की गई व स्पेशल स्टाफ प्रभारी अमित तिवारी व सुभाष प्लेस थाने के एसएचओ राजेश झा के नेतृत्व में बनी टीमों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।

पुलिस टीम ने जब सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो घटना के समय कुछ अन्य लोगों को कार्यालय के बाहर मंडराते देखा गया। इनमें लिबासपुर का रहने वाला प्रशाांत पाटिल भी था। इसे पीड़ित पहले से ही जानता था। वह भारतीय बीज निगम में बतौर जेई जयपुर में तैनात था। वह इन दिनों निलंबित चल रहा है। पुलिस ने उसे दबोचा तो उसने वारदात में संलिप्तता कबूल की। उसने अपने साथियों के बारे में बताया।

ऐसे में पहले रोहिणी से नेहा उर्फ अंजलि व ज्योति को गिरफ्तार किया गया। इनमें ज्याेति लूटने के लिए अंदर गई चार में शामिल थीं। नेहा ने कंप्यूटर की मदद से मुबंई पुलिस का फर्जी आइडी कार्ड बनाया था। इसके बाद पुलिस एक और साजिशकर्ता मेवात के जाहिद उर्फ गुरु जी, नगर परिषद अध्यक्ष संजय मनोचा व मध्यप्रदेश विदिशा के इमरान व फैसल को भी दबोच लिया गया, जबकि माजिद की तलाश जारी है।

जांच में पता चला है कि प्रशांत पर फर्जी कंपनी के नाम पर ऋण देने के नाम पर ठगी में मुकदमे में भोपाल जेल बंद था, जहां उसकी मुलाकात माजिद से हुई थी। जाहिद खुद को आध्यात्मिक गुरु बताकर लोगों को ताबीज आदि बांटता था। उसका एक आश्रम मेवात और दूसरा पटेल नगर में है। पीड़ित विजय भी जाहिद के आश्रम में जाता था। विजय का पहले भी काल सेंटर इलाके में चलाते थे। इसलिए प्रशांत भी उनसे परिचित था। प्रशांत और जाहिद ने मिलकर विजय के आफिस में स्पेशल 26 की तर्ज पर छापा मारने की तैयारी की। इसके लिए प्रशांत ने माजिद, इमरान और फैसल को तैयार किया।

रुपये देने के लिए बुलाया

जाहिद ने संजय मनोचा से रुपये उधार लिए थे। जिसे लौटाने के लिए उसे बुलाया और योजना में शामिल कर लिया। वारदात वाले दिन वे सभी इलाके के फाइव स्टार होटल में मिले। माजिद आदि को बताया गया कि संजय दिल्ली पुलिस में एसआइ है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर वह संभाल लेगा। वारदात के बाद सब होटल में पहुंचे थे। वहां पर जाहिद ने उधार के तौर पर लिए गये एक लाख रुपये संजय मनोजा के खाते आनलाइन भेजे थे।

Edited By: Prateek Kumar

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