जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : पाक सेना की बर्बरता के शिकार बलूचिस्तान की आजादी की मांग को लेकर गुरुवार को लोगों ने पाकिस्तान उच्चायोग के पास विरोध प्रदर्शन किया। इसका नेतृत्व कनाडा में रह रहे निर्वासित बलोच नेता मस्दक दिलशाद बलोच ने किया।

भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को खत्म करने के लिए हर कार्रवाई जायज है। विरोध प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश के बागपत के बलोचपुरा गांव में कई पीढि़यों से रह रहे बलोच लोगों ने भी भाग लिया। प्रदर्शन में संख्या में लोग शामिल हुए।

प्रदर्शनकारी सेव बलोच वूमन, फ्री बलूचिस्तान समेत कई नारे लिखे प्लेकार्ड व बैनर लिये हुए थे। इससे पहले प्रदर्शनकारी तीन मूर्ति चौक पर इकट्ठा होकर पाकिस्तान उच्चायोग की ओर बढ़ने लगे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें चाणक्यपुरी थाने के सामने ही रोक लिया। काफी कहासुनी के बाद आखिरकार पाकिस्तान उच्चायोग तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए दिलशाद बलोच को पुलिस जिप्सी में कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ ले गई।

दिलशाद बलोच ने कहा कि बड़े पैमाने पर नरसंहार कर पाकिस्तानी सेना 20 हजार से ज्यादा बलोच लोगों को मौत के घाट उतार चुकी है। उन्होंने कहा कि हजारों बलोच औरतों-युवतियों को पाक सेना हवस का शिकार बना चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान से आजादी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से काफी उम्मीदें है। वह भारत का सैद्धांतिक व अंतरराष्ट्रीय समर्थन चाहते हैं।

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