नई दिल्ली, एएनआइ। जायडस कैडिला (Zydus Cadila) की कोरोना वायरस वैक्सीन ZyCoV-D  के इस साल के अक्टूबर की शुरुआत में आने की संभावना है। शनिवार को सूत्रों की ओर से एएनआई को यह जानकारी दी गई। भारत के ड्रग रेगुलेटर ने 20 अगस्त को ही जायडस कैडिला की इस वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी।  ZyCoV-D दुनिया की पहली plasmid DNA कोरोना वैक्सीन है। तीन डोज की इस वैक्सीन को लगाने के लिए इंजेक्शन की जरूरत नहीं होगी। पहली खुराक के 28वें दिन दूसरी और फिर 56 दिन बाद तीसरी खुराक लेनी होगी। 

12 वर्ष के किशोर से 18 वर्ष के युवाओं के लिए इस कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिली है।जायडस कैडिला की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 'तीन डोज वाली यह वैक्सीन जब मानव शरीर में जाती है तब वहां SARS-CoV-2 वायरस का स्पाइक प्रोटीन बनाती है। इससे एक इम्यून रेस्पांस विकसित होता है जो इस बीमारी से सुरक्षा प्रदान करने में सक्रिय भूमिका निभाती है। प्लग एंड प्ले तकनीक जिसपर plasmid DNA प्लेटफार्म आधारित है वह आसानी से वायरस का सामना करने के लिए तैयार हो जाता है।' हाल में ही ANI को दिए गए अपने इंटरव्यू में जायडस ग्रुप के मैनेेेेेजिंग डायरेक्टर शारविल पटेलने कहा कि वैक्सीन की सप्लाई अक्टूबर से शुरू होगी। 

प्रेट्र की खबर के मुताबिक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी को इमरजेंसी इस्तेमाल की सूची में शामिल करने के लिए और डाटा मांगा है। वर्तमान में स्पुतनिक-वी का उत्पादन भारत में हो रहा है और हैदराबाद की डा. रेड्डीज लैबोरेटरीज इसकी बिक्री कर रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (MoHFW) के अनुसार देश में अब तक 73.73 करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन दी जा चुकी है। शनिवार सुबह सात बजे तक देश में कुल 64,49,552 वैक्सीन लगाई जा चुकी है। फिलहाल देश में 18 साल से अधिक उम्र वालों के लिए कोरोना वैक्सीनेशन जारी है। इसके तहत कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिक वी लगाई जा रहीं हैं।

Edited By: Monika Minal