नीलू रंजन, सोनमर्ग (जम्मू-कश्मीर)। सर्दियों के दिनों में कश्मीर की बर्फीली वादियों में सैर करने वाले सैलानियों के लिए खुशखबरी है। इस साल सर्दियों में वे गुलमर्ग के साथ-साथ सोनमर्ग की भी सैर कर सकेंगे। जेड मोड़ टनल (सुरंग) के आंशिक रूप से खुल जाने से सर्दी के मौसम में भी सोनमर्ग पहुंचना संभव हो सकेगा। इसके पहले भारी बर्फबारी और हिम स्खलन के कारण सर्दियों में सोनमर्ग, श्रीनगर से पूरी तरह से कट जाता था। मंगलवार को सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जेड मोड़ टनल का मुआयना भी करेंगे।

श्रीनगर और लेह को जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग पर बन रही जेड टनल और जोजिला टनल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) जीएस कांबो के अनुसार वैसे जेड मोड़ टनल का काम 24 सितंबर को पूरा हो गया है। साथ ही इसके साथ बनने वाले इस्केप टनल का काम भी जून में पूरा कर लिया गया था। लेकिन इस टनल को मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली अप्रोच रोड बनाने का काम अभी चल रहा है। यह 2022 में पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि अप्रोच रोड पूरी तरह नहीं बन पाने के बावजूद इसी साल से इस टनल को खोल दिया जाएगा। उनके अनुसार स्थानीय प्रशासन के साथ सलाह-मशविरा करके इसे दिन में कुछ घंटों के लिए खोला जा सकता है।

प्रोजेक्टर डायरेक्टर कांबो के अनुसार सर्दियों के मौसम गुलमर्ग की तरह सोनमर्ग भी बर्फ की मोटी चादर से ढक जाता है। लेकिन संपर्क मार्ग नहीं होने के कारण यह घाटी के बाकी हिस्से से पूरी तरह कट जाता था। जेड मोड़ के पास पहाडि़यों पर भारी बर्फबारी के साथ ही हिम स्खलन भी आम बात है। इसके कारण सर्दियों में पूरा सोनमर्ग बंद हो जाता है।

सोनमर्ग और इसके आसपास के गांवों के लोगों को तीन-चार महीने के लिए नीचे सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता था। लेकिन जेड टनल के आंशिक रूप से खुल जाने से भी यहाँ न सिर्फ जरूरी सामान की सप्लाई सुनिश्चित हो पाएगी, बल्कि पर्यटकों का पहुंचना भी संभव हो सकेगा।

जाहिर है जेड मोड़ टनल सोनमर्ग के विकास की नई इबादत लिखेगी। जेड मोड़ टनल में आने-जाने के लिए दो अलग-अलग सुरंग बनाई गई हैं। एक सुरंग की लंबाई 435 किलोमीटर और दूसरी सुरंग की लंबाई 1920 मीटर है। इसके साथ ही इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए एक इस्केप टनल भी बनाई गई है।