नई दिल्ली, प्रेट्र। चिकित्सक से धर्म उपदेशक बने जाकिर नाइक के खिलाफ एनआइए इसी सप्ताह आरोप पत्र दाखिल कर सकती है। उस पर आतंकी फंडिंग के साथ मनी लांड्रिंग का आरोप है। पिछले साल जुलाई में देश छोड़ने वाला नाइक अभी देश के बाहर है। अदालत से उसका गैर जमानती वारंट जारी किया जा चुका है।

एनआइए ने उसके खिलाफ 18 नवंबर 2016 को केस दर्ज किया था। उसके एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को गृह मंत्रालय गैरकानूनी घोषित कर चुका है। सूत्रों का कहना है कि वह सऊदी अरब की नागरिकता हासिल कर चुका है। हालांकि इसकी पुष्टि सरकार या जांच एजेंसी ने अभी तक नहीं की है। उसे गिरफ्तार करने के लिए एनआइए ने इंटरपोल की भी सहायता ली है।

आरोप है कि पीस टीवी के जरिये नाइक ने भड़काने वाले भाषणों के जरिये उन्माद फैलाने की कोशिश की। उसके टीवी को फिलहाल प्रतिबंधित किया जा चुका है। उसका पासपोर्ट भी विदेश मंत्रालय रद करा चुका है। एनआइए ने तीन बार उसे पेश होने के लिए नोटिस जारी किया, लेकिन वह सामने नहीं आया। उसके बाद पासपोर्ट रद करने व गैर जमानती वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

नाइक उस समय सुर्खियों में आया था जब बांग्लादेश के ढाका में कैफे पर हमला करने वाले आतंकियों ने कहा था कि वह जाकिर नाइक की बातों से प्रभावित हुए। उसके बाद ही 51 वर्षीय उपदेशक भारत छोड़कर भाग निकला। हालांकि विदेश में मीडिया से बातचीत के दौरान नाइक ने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसका कहना है कि साजिश के तहत उसे फंसाया गया है।

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Posted By: Ravindra Pratap Sing

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