मुंबई। मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके के दोषियों में एक याकूब मेमन को 30 जुलाई को नागपुर सेंट्रल जेल में फांसी दी जा सकती है। मुंबई में 12 मार्च, 1993 को हुई इस आतंकी घटना में एक दर्जन से अधिक जगहों पर धमाके हुए थे। इनमें 260 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। पंद्रह वर्षो तक चले मुकदमे में विशेष टाडा न्यायाधीश पीडी कोदे ने जुलाई 2007 में 12 लोगों को मौत की सजा सुनाई थी।

हालांकि कुछ दिन बाद ही दोषी की मौत हो गई थी, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने दस दोषियों की सजा आजीवन कारावास में बदल दी। ऐसे में मृत्युदंड पाने वाले एकमात्र दोषी याकूब मेमन ही है। राष्ट्रपति उसकी दया याचिका ठुकरा चुके हैं। वैसे सुप्रीम कोर्ट 21 जुलाई को उसकी पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करने वाला है। सुप्रीम कोर्ट में याकूब के वकील और राकांपा नेता माजिद मेमन ने सरकार पर फांसी देने की जल्दबाजी दिखाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 'सरकार को मालूम था कि सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई होनी है। उसे तब तक इंतजार करना चाहिए था।' माजिद के सुर में सुर मिलाते हुए महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने भी याकूब को फांसी देने का विरोध किया है।

उन्होंने कहा, 'याकूब ने विदेश से आकर खुद समर्पण किया था। ऐसे में उसके साथ नरमी बरतनी चाहिए।' मामले से जुड़े एक सरकारी अधिकारी का कहना है कि फिलहाल याकूब की फांसी पर कानूनी रोक नहीं है। सरकार ने टाडा कोर्ट से फांसी को अमल में लाने की अनुमति मांगी थी, जो मिल गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भी फांसी की तैयारियों की पुष्टि की है, लेकिन तारीख, समय व स्थान को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है।

मालूम हो, ये धमाके मोस्टवांटेड दाऊद इब्राहिम के इशारे पर याकूब मेमन के भाई टाइगर मेमन ने करवाए थे। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट याकूब (53) पर धमाकों की साजिश में शामिल होने के अलावा वारदात के लिए वाहनों का इंतजाम व विस्फोटक लदे वाहनों को निर्दिष्ट जगहों पर खड़ा करवाने का आरोप था। मामले में अभियोजन पक्ष के वकील रहे उज्ज्वल निकम का मानना है कि याकूब को फांसी देने से यहां ही नहीं, पाकिस्तान तक संदेश जाएगा कि भारत आतंकी घटनाओं को लेकर कड़ाई से निपटता है।

याकूब के मुद्दे पर सांप्रदायिक राजनीति न हो : शिवसेना

याकूब को फांसी देने की खबरों के बीच शिवसेना ने राजनीतिक दलों को इस संवेदनशील मुद्दे पर सांप्रदायिक राजनीति नहीं करने को कहा है। शिवसेना प्रवक्ता और एमएलसी डॉ. नीलम गोरहे ने बुधवार को कहा, 'विशेष अदालत ने याकूब मेनन को दोषी करार दिया है। राष्ट्रपति उसकी दया याचिका खारिज कर चुके हैं। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियों व लोगों को पक्षपातपूर्ण तथा सांप्रदायिक राजनीति नहीं करनी चाहिए।'

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Posted By: anand raj