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23 सितंबर को पहले अमेरिका दौरे पर पहुंचेगे चिनफिंग, एयरपोर्ट पर स्वागत करेंगे ट्रंप

Published: Mon, 21 Sep 2026 10:49 PM (IST)

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे, जहां राष्ट्रपति ट्रंप स्वयं उनका स्वागत करेंगे।

23 सितंबर को पहले अमेरिका दौरे पर पहुंचेगे चिनफिंग। (रॉयटर्स)

23 सितंबर को पहले अमेरिका दौरे पर पहुंचेगे चिनफिंग। (रॉयटर्स)

HighLights

  1. शी चिनफिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा पर।

  2. राष्ट्रपति ट्रंप स्वयं एयरपोर्ट पर करेंगे चिनफिंग का स्वागत।

  3. एआई, ताइवान, व्यापार जैसे मुद्दों पर होगी महत्वपूर्ण चर्चा।

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे। यह 10 साल से अधिक समय बाद उनकी पहली अमेरिका यात्रा होगी। चीन में अपने स्वागत से प्रभावित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब चिनफिंग के स्वागत की तैयारी में हैं।

चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, ट्रंप स्वयं ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका स्वागत करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति का किसी विदेशी नेता की अगवानी के लिए खुद एयरपोर्ट पहुंचना दुर्लभ है। ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात को खास अहमियत दी जा रही है।

चीन का एक प्रतिनिधिमंडल उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग के नेतृत्व में पहले ही अमेरिका पहुंच चुका है। आर्थिक और कारोबारी मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिशें चल रही हैं। माना जा रहा है कि शिखर वार्ता में एआइ, सैन्य संबंध, पश्चिम एशिया का संघर्ष, रूस-यूक्रेन युद्ध, अंतरिक्ष में हथियारों की होड़, ताइवान और व्यापार जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।

पीटीआई के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जिआकुन ने सोमवार को कहा कि दोनों नेता चीन-अमेरिका संबंधों और वैश्विक शांति व विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सकारात्मक संबंध, रणनीतिक स्थिरता, मजबूत संवाद और सहयोग तथा मतभेदों का उचित समाधान दुनिया की शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए जरूरी है।

एएनआई के अनुसार, ओवल आफिस में ट्रंप ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध हैं और बैठक में महत्वपूर्ण चर्चाएं और समझौते होंगे। उन्होंने चीन पर शुल्क घटाने के संकेत भी दिए। ट्रंप के अनुसार, एक समय चीन पर शुल्क 145 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जिससे चीन को काफी नुकसान हुआ।

उन्होंने कहा कि दोनों नेता केवल हालचाल लेने के लिए नहीं, बल्कि दुनिया को प्रभावित करने वाले मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए मिल रहे हैं।

एआई पर अलर्ट सिस्टम बनाने की तैयारी

एपी के अनुसार, चिनफिंग की यात्रा से पहले हे लिफेंग, अमेरिकी वाणिज्य मंत्री स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने न्यूयार्क में आर्थिक और कारोबारी मुद्दों पर बातचीत की। इसमें एआइ भी प्रमुख विषय रहा।

दोनों देशों ने एआई से जुड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाली घटनाओं की जानकारी साझा करने के लिए नए अलर्ट सिस्टम 'नोटिफिकेशन मेकेनिज्म' बनाने का प्रस्ताव रखा।

दोनों पक्षों का मानना है कि एआई के क्षेत्र में अधिक पारदर्शिता जरूरी है। इसी बीच ट्रंप ने प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा को बढ़ाते हुए नई "एआई फोर्स" के गठन का एलान किया है।

ताइवान पर टिकी निगाहें

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, बैठक में ताइवान सबसे संवेदनशील मुद्दों में रहेगा। चीन लंबे समय से अमेरिका से ताइवान को हथियारों की बिक्री रोकने या टालने की मांग करता रहा है। करीब 14 अरब डालर का अमेरिकी हथियार पैकेज फिलहाल ट्रंप की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, बीजिंग इसे टालने के लिए वाशिंगटन पर दबाव बना सकता है। ट्रंप ने भी ताइवान को हथियारों की बिक्री को बातचीत के अहम मुद्दों में शामिल बताया है।

चीन में ट्रंप से पिछली मुलाकात के दौरान चिनफिंग ने ताइवान मामले को गलत तरीके से संभालने को दोनों देशों के लिए 'बेहद खतरनाक' बताया था। अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने ताइवान को 18 अरब डालर के हथियार पैकेज दिए थे और तब उनका प्रशासन चीन को दीर्घकालिक खतरा मानता था।

दूसरे कार्यकाल में उन्होंने चीन के साथ व्यावहारिक संबंधों पर जोर दिया है। व्यापार युद्ध के दौरान चीन द्वारा स्मार्टफोन और उन्नत तकनीक में इस्तेमाल होने वाले दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर रोक-टोक बढ़ाने के बाद यह बदलाव और स्पष्ट हुआ।