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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विश्व आदिवासी दिवस: छत्तीसगढ़ में बने दो कीर्तिमान, आदिवासी समुदाय को मिला सामुदायिक वन संसाधन अधिकार

By Bhupendra SinghEdited By:
Published: Mon, 09 Aug 2021 10:51 PM (IST)

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार की गई ...और पढ़ें

शहरी क्षेत्रों के आदिवासी समुदाय को मिला सामुदायिक वन संसाधन अधिकार
शहरी क्षेत्रों के आदिवासी समुदाय को मिला सामुदायिक वन संसाधन अधिकार

रायपुर, राज्य ब्यूरो। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सोमवार को छत्तीसगढ़ में दो कीर्तिमान स्थापित हुए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर देश में पहली बार शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों और टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के गांवों को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्यता पत्रों के वितरण की शुरुआत हुई।

World Tribal Day – asr24news

मुख्यमंत्री ने कोर क्षेत्र के पांच गांवों को  सामुदायिक वन संसाधन का दिया अधिकार

मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के गांव करही की वन अधिकार समिति के अध्यक्षों को समुदायिक वन संसाधन अधिकार प्रदान किए। वहीं के बरोली और बहीगांव की ग्रामसभाओं को भी समुदायिक वन संसाधन अधिकार के मान्यता पत्र दिए गए। इन्हें मिलाकर कोर क्षेत्र के पांच गांवों की ग्रामसभाओं को 14,000 एकड़ जंगल पर सामुदायिक वन संसाधन का अधिकार दिया गया।

धमतरी की नगर पंचायत नगरी: आदिवासी समुदाय को मिला जंगलों पर अधिकार

धमतरी जिले की नगर पंचायत नगरी से प्रदेश के शहरों में रहने वाले आदिवासी समुदाय को वहां के जंगलों पर अधिकार देने की शुरुआत की गई। नगरी नगर पंचायत तीन गांवों चुरियारा, तुमबाहरा और नगरी को मिलाकर बनी है। वहां कुल 10,200 एकड़ जंगल पर सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दिए गए हैं।

प्रदेश के 700 गांवों को सामुदायिक वन संसाधन के अधिकार सौंपे गए

इसके साथ ही प्रदेश के 700 गांवों को सामुदायिक वन संसाधन के अधिकार सौंपे गए। इनमें से अकेले सूरजपुर के 150 और कांकेर जिले के 143 गांव शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न शहरी क्षेत्र में नौ व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय एटलस का किया विमोचन

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार की गई जनजातीय एटलस का विमोचन किया। ओडिशा, झारखंड के बाद एटलस तैयार करने वाला छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है। इस जनजातीय एटलस में राज्य की 42 जनजातियों की संस्कृति, रीति-रिवाज, बोलियों की जानकारी, जनजातीय आर्ट-क्राफ्ट, तीज-त्योहार, नृत्य, जनजातीय पर्यटन, राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियों के साथ-साथ राज्य के अनुसूचित क्षेत्र, आदिवासी उपयोजना क्षेत्र, जनजातीय आश्रम शालाएं, छात्रावास, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, प्रयास विद्यालय जैसे आधारभूत शैक्षणिक संस्थाओं की जानकारी, राज्य में प्रशासनिक इकाइयां, समुदायवार जनजातीय जनसंख्या, लिंगानुपात, शैक्षणिक स्थिति और राज्य में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी का समावेश किया गया है।