नई दिल्ली, एजेंसी। World Teachers Day 2019 विश्व शिक्षक दिवस शिक्षकों के प्रति सम्मान और आदर को दिखाता है। हालांकि, वैसे तो हर रोज छात्र अपने शिक्षक की रिस्पेक्ट करता ही है, लेकिन शिक्षक दिवस का दिन कुछ खास होता है। दुनिया की तरह भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है। इस दौरान सभी स्कूल व कॉलेज में प्रोग्राम होता है। जहां, छात्र की ओर से टीचर्स को पार्टी दी जाती है। यह उनके प्रति सम्मान होता है। यहां आपको बता दें कि शिक्षक दिवस और विश्व शिक्षक दिवस यहां दो अलग-अलग दिन की बात की जा रहा है। देखा जाए तो अधिक्तर लोग विश्व शिक्षक दिवस के बारे में कुछ जाता नहीं जानते हैं, इसी वजह से हम आपको विश्व शिक्षक दिवस का इतिहास और इससे संबंधित कुछ अच्छी बातें बताने वाले हैं।

क्या है विश्व शिक्षक दिवस का इतिहास

बता दें कि हर साल 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस को पूरी दुनिया में मनाए जाने लगा। यह शुरुआत साल 1994 में हुई। जब प्रत्येक वर्ष यूनिसेफ, यूएनडीपी, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन और शिक्षा अंतर्राष्ट्रीय द्वारा एक साथ मिलकर विश्व शिक्षक दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विश्व शिक्षक दिवस को अंतर्राष्ट्रीय तौर पर मनाने के लिए 1994 में UNESCO की सिफारिश पर 100 देशों के समर्थन देने के बाद UN ने इस बिल को पारित किया। इसके बात 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाए जाने की शुरुआत हो गई। बता दें कि इस बार 7 अक्टूबर को पेरिस के UNESCO मुख्यालय में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस आयोजित किया जाएगा।

क्यों की गई विश्व शिक्षक दिवस की शुरुआत

विश्व शिक्षक दिवस को मनाने का उदे्शय दुनिया में शिक्षकों की स्थिति को बेहतर करना था। साल 1966 में शिक्षकों के अधिकारों, जिम्मेदारियों, रोजगार और आगे की शिक्षा के साथ तमाम गाइडलाइन बनाने की बात कही गई थी। जहां 1997 में हाईयर एजुकेशन, टीचिंग, रिसर्च मैंबर्स को शामिल कर 1966 में जो बताया गया था, उन सभी सिफारिशों को लागू किया गया था। बता दें कि UN ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों को जानने और उससे जुड़ी समस्याओं को पहचानने के लिए 2030 का लक्ष रखा गया है।

Edited By: Nitin Arora