भोपाल, जेएनएन। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कुछ चिकित्सा छात्रों ने मिलकर ब्लड कॉल सेंटर की शुरुआत की है। दो साल में इस मुहिम से अब तक राज्यभर के 12 हजार से अधिक छात्र जुड़ चुके हैं। अपने तरह के इस अनूठे कॉल सेंटर को दो साल पहले भोपाल के 40 मेडिकल स्टुडेंट्स ने अपने जेब खर्च में कटौती कर स्थापित किया था। इन छात्रों ने थैलीसीमिया से पीड़ित उन तीस बच्चों को भी गोद लिया है, जिन्हें 10 से 25 दिनों में खून की जरूरत होती है। अब तक ये छात्र इस बीमारी से ग्रसित बच्चों को कुल 357 यूनिट खून नि:शुल्क उपलब्ध करा चुके हैं।

छात्रों ने इस समूह को जीवन सार्थक सोशल एंड वेलफेयर सोसायटी का नाम दिया है। एक्टिव मेंबर ऋतु सोनी ने बताया कि इस सोसायटी में पूरे प्रदेश से कॉलेज स्टूडेंट जुड़े हुए हैं। ग्रुप के एक्टिव मेंबर्स हर माह कम से कम 500 रुपये कॉल सेंटर के लिए दान देते हैं। अब तक संस्था ने भोपाल में जरूरतमंदों को 5554 यूनिट रक्त उपलब्ध कराया है। कॉल सेंटर पर रक्तदाता और जरूरतमंद दोनों ही फोन करते हैं। दोनों को सुविधा मुहैया कराई जाती है। एक सॉफ्टवेयर पर रक्तदाता का पूरा डाटा अपलोड किया गया है। कॉल आने पर जरूरतमंद की लोकेशन सॉफ्टवेयर पर डाली जाती है। इसके बाद संबंधित ब्लड ग्रुप के नजदीकी रक्तदाता को तत्काल सूचित किया जाता है। ब्लड कॉल सेंटर का नंबर 7440332233 है।

ब्लड कमांडो बचा रहे लावारिस मरीजों की जान

आप किसी भी शहर में हों। किसी भी अस्पताल में भर्ती हों। किसी भी बीमारी से जूझ रहे हों, अगर आपको या आपके परिचित को किसी भी रक्त समूह के रक्त की जरूरत है, तो मदद के लिए ब्लड कमांडो पहुंच जाएगा। इस नेक काम को अंजाम दे रहे हैं, पटना के एएन कॉलेज के छात्र नीरज कुमार और उनकी टीम से जुड़े देश भर के 5000 सदस्य। ये सभी सदस्य वाट्सएप ग्रुप से जुड़े हैं, जिसका नाम ‘ब्लड कमांडो’ है। ब्लड कमांडो ग्रुप में देश भर के 600 से अधिक अस्पताल के डॉक्टर भी जुड़े हुए हैं। इन अस्पतालों में जैसे ही कोई लावारिस या असहाय मरीज आता है, जिसे खून की जरूरत होती है, तो उस अस्पताल के डॉक्टर ब्लड कमांडो से संपर्क करते हैं। ब्लड कमांडो का व्हाट्सएप नंबर 8539801124 है। राज्य सरकार के अलावा नीरज को राष्ट्रीय सर्विस स्कीम अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है।

खून देकर लोगों को नई जिंदगी बांट रहे अनुपम

राउरकेला, ओडिशा के अनुपम गुप्ता अब तक 156 यूनिट रक्तदान कर सैकड़ों मरीजों को नई जिंदगी दे चुके हैं। हर तीन माह पर रक्तदान करने वाले अनुपम सिर्फ राउरकेला में तीन हजार लोगों को रक्तदान मुहिम से जोड़ चुके हैं। शिविर लगाकर एक दिन में 1200 यूनिट रक्त जुटाने का रिकॉर्ड इनके नाम है। अनुपम लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं। वे सूचना मिलते ही आधे घंटे में अस्पताल पहुंच रक्त की व्यवस्था कराते हैं।

Posted By: Tilak Raj