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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Women Reservation Bill: ऐतिहासिक फैसला, लोकसभा में पारित हुआ नारी शक्ति वंदन विधेयक; विरोध में महज दो मत

By Jagran NewsEdited By: Anurag Gupta
Published: Wed, 20 Sep 2023 07:34 PM (IST)Updated: Wed, 20 Sep 2023 09:47 PM (IST)

केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन विधेयक लोकसभा में पारित हुआ। अत्याधुनिक सुविधाओं वाली नई ...और पढ़ें

विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (फोटो: एएनआई)
विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (फोटो: एएनआई)

HighLights

  1. स्मृति-सोनिया सहित 60 सदस्यों ने लिया चर्चा में हिस्सा
  2. महिला आरक्षक विधेयक के पक्ष में पड़े 454 मत

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाया गया 'नारी शक्ति वंदन विधेयक' लोकसभा में पारित हुआ। अत्याधुनिक सुविधाओं वाली नई संसद के निचले सदन से पारित होने वाला यह पहला विधेयक है। इस विधेयक को विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को लोकसभा में पेश किया था।

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विधेयक पर पर्ची से हुई वोटिंग

लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर पर्ची से वोटिंग कराई गई। विधेयक के पक्ष में 454 मत, जबकि दो मत विरोध में पड़े। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दो तिहाई बहुमत से विधेयक के पारित होने की जानकारी साझा की।

सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह ने सभी दलों से महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर दुनिया को एकजुट होकर संदेश देने का आह्वान किया। उन्होंने साफ संकेत दिया कि सरकार विधेयक पर सुझावों को खुलेमन से स्वीकार करने को तैयार है और जरूरत पड़ने पर इसमें संशोधन भी किया जा सकता है। 

लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन विधेयक' को लेकर हुई चर्चा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, रायबरेली सांसद और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी सहित 60 सदस्यों ने हिस्सा लिया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने रानी दुर्गावती, रानी चेन्नम्मा, रानी अहिल्याबाई, रानी लक्ष्मी जैसी असंख्य वीरांगनाओं का उल्लेख किया।

विपक्ष पर अमित शाह का तीखा हमला

विधेयक लाने के समय और इसे लागू करने में देरी की आशंकाओं के साथ सरकार की राजनीतिक मंशा को लेकर विपक्ष के सवालों पर केंद्रीय गृह मंत्री ने तीखा पलटवार किया। केंद्र सरकार के 90 सचिवों में मात्र तीन सचिव ओबीसी से होने को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर कटाक्ष करते हुए शाह ने कहा कि कुछ लोग मानते हैं कि देश सचिव चलाते हैं। सच्चाई यह है कि देश सरकार, कैबिनेट और संसद से चलता है।

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सनद रहे कि केंद्र सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसद सीटें आरक्षित करने वाला एक संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किया था, जो लोकसभा में पारित हो गया। इस विधेयक को 'नारी शक्ति वंदन विधेयक' नाम दिया गया।